सूचनाजी न्यूज, भिलाई। जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र सेक्टर 9 और सेक्टर 1 अस्पताल सेल भिलाई स्टील प्लांट से संभल नहीं रहा है। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई स्टील प्लांट अंतर्गत जवाहरलाल नेहरू हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (JLNH&RC) में हृदय रोग, किडनी रोग एवं कैंसर से जुड़ी सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं के संचालन के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) आमंत्रित किया गया है। 15 जनवरी तक पार्टी से आवेदन करने की डेडलाइन तय की गई है।
यह EOI मेडिकल एंड हेल्थ सर्विसेज विभाग, भिलाई स्टील प्लांट के परिसर में कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी एवं ऑन्कोलॉजी सेवाएं संचालित करने के लिए प्रतिष्ठित, अनुभवी एवं योग्य संस्थानों/एजेंसियों से मांगा गया है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं, विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं तथा उन्नत उपचार तकनीकों के माध्यम से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का उद्देश्य है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस पहल से भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारियों, उनके परिजनों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को उच्च स्तरीय सुपर स्पेशियलिटी उपचार स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगा, जिससे उन्हें बड़े शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
EOI से संबंधित विस्तृत शर्तें, पात्रता मानदंड एवं आवेदन प्रक्रिया भिलाई स्टील प्लांट की आधिकारिक सूचना के अनुसार निर्धारित की गई हैं। इच्छुक संस्थानों से समय-सीमा के भीतर अपने प्रस्ताव प्रस्तुत करने का आग्रह किया गया है।
ईओआई (EOI) यानी रुचि की अभिव्यक्ति (Expression of Interest) की प्रक्रिया बीएसपी अपना रहा है। अस्पताल की ओर से प्रकाशन पर मुहर लगा दी गई है। अब यह सार्वजनिक किया जा चुका है। इसका उद्देश्य यह है कि अगर को कोई संस्था चलाना चाहता है तो इसको हैंडओवर कर दिया जाएगा।
भिलाई स्टील प्लांट के ईडी कार्यालय के मुताबिक सेक्टर 1 हॉस्पिटल के कैंसर विभाग को किसी प्राइवेट अस्पताल को सुपुर्द किया जाएगा। जो भी संस्था इसे लेकर बेहतर तरीके से संचालन कर सकेगी, उसे हैंडओवर किया जाएगा। साथ ही सेक्टर 9 हॉस्पिटल के Cardiology, Nephrology को हैंडओवर किया जाएगा।
विधायक देवेंद्र यादव से बीएसपी ने कहा-अस्पताल नहीं बिकेगा
सेक्टर 9 हॉस्पिटल के निजीकरण आदि विषयों को लेकर विधायक देवेंद्र यादव 20 दिसंबर से पांच दिन तक उपवास पर बैठे थे। जिला प्रशासन की दखल के बाद भिलाई निवास में 24 दिसंबर को बैठक हुई। बीएसपी की तरफ से ईडी एचआर पवन कुमार ने विधायक को स्पष्ट शब्दों में कहा-अस्पताल नहीं बिकेगा। कुछ विभागों की सेवाओं को बढ़ाने के लिए प्राइवेट संस्था से मदद ली जा रही है। इससे बीएसपी के वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों की सुविधाओं में कोई कटौती या भार नहीं पड़ेगा। जबकि 15 दिसंबर को ही टेंडर जारी हो गया है।
बीएसपी ओए अध्यक्ष का आया पक्ष
भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन की ओर से लिए जा रहे फैसले और विधायक देवेंद्र यादव के सत्याग्रह पर स्टील एग्जीक्यूटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया-सेफी के चेयरमैन व बीएसपी आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार बंछोर का भी पक्ष सामने आ गया है। उन्होंने कहा-सेक्टर 9 हॉस्पिटल को बचाने के लिए ओए लगातार संघर्ष कर रहा है।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल के समय बात यहां तक आई थी
2017 में एम्स के डायरेक्टर से मुलाकात की गई थी। मकसद ये था कि इसे एम्स को हैंडओवर कर दिया जाए। इसके बाद पूर्व सीएम भूपेश बघेल के शासन काल में मेडिकल कॉलेज बनाने की बात आई। लेकिन, बीएसपी प्रबंधन तैयार नहीं हुआ था। अब भी समय है। अस्पताल को बचाया जा सकता है। एम्स को हैंडओवर करके या मेडिकल बनाकर।
बगैर चर्चा से भड़क रहा गुस्सा, कम्युनिकेशन गैप ठीक नहीं
एनके बंछोर ने सूचनाजी.कॉम से कहा-बीएसपी प्रबंधन द्वारा बगैर चर्चा किए फैसला लेना गलत है। टाउनशिप, मेडिकल से जुड़े लोगों से चर्चा पहले करनी चाहिए। चर्चा से ही समाधान निकाला जाता है। जनता के बीच से भी अच्छे सुझाव आते हैं। लेकिन, यहां बगैर यूनियन, ओए से चर्चा किए एकतरफा फैसला लिया जा रहा है।
बीएसपी के वर्तमान और पूर्व कार्मिकों का आक्रोश भड़कने की भी बीएसपी प्रबंधन ने दी है। थर्ड पाटी के लिए 5 से 8 रुपए किराया बढ़ाया गया। बीएसपी अपने ही पूर्व कर्मचारियों-अधिकारियों से 24 रुपए प्रति स्क्वायर फीट से पैसा मांग रही है। निश्चित रूप से यह गुस्सा भड़काने वाला फैसला है। बीएसपी प्रबंधन अब भी बेहतर फैसला ले सकता है। अपने इम्प्लाइज को लाइसेंस पर मकान देकर समाधान निकाल सकता है।











