BIG NEWS: भिलाई स्टील प्लांट में 12 फरवरी को हड़ताल, यूनियनों ने प्रबंधन को सौंपा नोटिस

BIG NEWS Strike at Bhilai Steel Plant on February 12 Unions Submit Notice to Management

इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, ऐक्टू, लोईमो व स्टील वर्कर्स यूनियनों ने हड़ताल का आह्वान किया।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के भिलाई स्टील प्लांट में 12 फरवरी 2026 को एक दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया गया है। संयुक्त ट्रेड यूनियन, भिलाई (इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, ऐक्टू, लोईमो व स्टील वर्कर्स यूनियन) की ओर से हड़ताल का नोटिस बुधवार को प्रबंधन को सौंप दिया गया। यह नोटिस निदेशक प्रभारी, भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम औद्योगिक संबंध विभाग के महाप्रबंधक विकास चन्द्रा को दिया गया। सीनियर मैनेजर प्रियंका मीणा भी मौजूद रहीं।

संयुक्त ट्रेड यूनियन नेताओं ने बताया कि यह हड़ताल 21 नवंबर 2025 को अधिसूचित चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के कार्यान्वयन के विरोध में है। यूनियनों का आरोप है कि ये चारों श्रम संहिताएं मजदूर विरोधी हैं और दशकों से श्रमिकों द्वारा अर्जित अधिकारों पर सीधा हमला करती हैं। इनके जरिए हड़ताल के अधिकार को सीमित करने, स्थायी रोजगार को कमजोर करने तथा ठेका व अस्थायी रोजगार को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह हड़ताल केवल श्रम संहिताओं के विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी गारंटी देने, बीज विधेयक, जनविरोधी विद्युत विधेयक और अन्य जनविरोधी नीतियों की वापसी, जल-जंगल-जमीन, कृषि भूमि और खाद्य सुरक्षा की रक्षा जैसे व्यापक मुद्दों से भी जुड़ी हुई है।

केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों की प्रमुख मांगों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा, पेंशन व्यवस्था, न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये प्रति माह, समान काम के लिए समान वेतन, स्थायी कार्यों में ठेकेदारी/आउटसोर्सिंग की समाप्ति, तय शर्तों पर नौकरी और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों बैंक, बीमा, रक्षा, रेलवे आदि के निजीकरण व विनिवेश पर रोक जैसे मुद्दों पर सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए।

यूनियनों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार और नियोक्ता ट्रेड यूनियनों के साथ सार्थक वार्ता से लगातार इनकार कर रहे हैं। सेल कर्मचारियों के वेतन समझौते में देरी, 39 माह के बकाया एरियर का भुगतान न होना, ग्रेच्युटी और बोनस योजनाओं पर एकतरफा फैसले तथा मूल वेतन को उत्पादन से जोड़ने जैसे कदमों से श्रमिकों के अधिकारों का हनन हो रहा है और इससे औद्योगिक अशांति बढ़ रही है।

भिलाई स्टील प्लांट की स्थिति पर चिंता जताते हुए यूनियन नेताओं ने कहा कि एक ओर नई भर्ती पर रोक लगा दी गई है, वहीं दूसरी ओर चालू ठेकों में 20 प्रतिशत ठेका श्रमिकों की छंटनी के आदेश जारी कर दिए गए हैं। ठेका श्रमिकों की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं है और ठेकेदार अपने अलग नियम चलाने का दावा करते हैं। ऐसे हालात में जब कोई विकल्प नहीं बचता, तब हड़ताल आवश्यक हो जाती है।

12 फरवरी 2026 की प्रस्तावित अखिल भारतीय हड़ताल को सफल बनाने के लिए नोटिस सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी भी मौजूद रहे। संयुक्त ट्रेड यूनियन, भिलाई ने भिलाई इस्पात संयंत्र के सभी स्थायी एवं ठेका श्रमिकों से अपील की है कि वे मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं के खिलाफ इस हड़ताल को एकजुट होकर सफल बनाएं।