Bokaro Steel Plant: भवनाथपुर आयरन ओर माइंस विवाद पर प्रबंधन का आया जवाब

  • समझौते के शर्तों के अनुरूप निर्धारित मुआवज़े का भुगतान बोकारो इस्पात संयंत्र के द्वारा किया जा चुका है।

सूचनाजी नयूज, भिलाई। बोकारो स्टील प्लांट के आयरन ओर माइंस भवनाथपुर के मजदूरों द्वारा बीएसएल में हंगामा और लाठीचार्ज पर प्रबंधन का पक्ष अब आया है। बोकारो स्टील प्लांट के प्रबंधन का कहना है कि प्रशासनिक भवन-बोकारो इस्पात संयंत्र के मुख्य द्वार के समीप धरने के सन्दर्भ में यह बताना उचित है कि जिला खनन पदाधिकारी (खान एवं भूतत्व विभाग, झारखण्ड सरकार) के आदेश से भवनाथपुर अयस्क खदान 16 फरवरी 2020 से बंद है।

इसके बाद खदान में कार्यरत मज़दूरों को उचित मुआवज़े के भुगतान के लिए 28 जनवरी 2022 को क्षेत्रीय श्रमायुक्त (पटना) के समक्ष मज़दूर संगठन के साथ त्रिपक्षीय समझौता हुआ। उक्त समझौते के शर्तों के अनुरूप निर्धारित मुआवज़े का भुगतान बोकारो इस्पात संयंत्र के द्वारा किया जा चुका है।

Vansh Bahadur

इसके बाद मज़दूरों के मुवावजे से संबंधित एक नया औद्योगिक विवाद उठाया गया। इस औद्योगिक विवाद के सुलह के लिए भी अभी तक तीन बार क्षेत्रीय श्रमायुक्त (पटना) के समक्ष वार्ता हो चुकी है। इनके मांगों के विषय पर 30 जून 2023 को सहायक श्रमायुक्त (पटना) के यहां पुनः वार्ता निर्धारित की गयी है। 24.06.2023 को इन लोगो के नेता और अन्य लोगों के साथ बोकारो इस्पात प्रबंधन की भी वार्ता हुई, जिसमे इन सभी बिंदुओं की जानकारी दी गई।