- आग की छोटी सी चिंगारी भी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। अभी-अभी भिलाई इस्पात संयंत्र से एक बड़ी घटना की सूचना आ रही है। द्वितीय पाली के अंत में अचानक ऑक्सीजन प्लांट की ऑक्सीजन टर्बो कंप्रेसर लाइन के केबल में आग की लपटें दिखने लगी। देखते ही देखते आग ऊपर की तरफ बढ़ने लगी। इसकी गंभीरता को देखते हुए पाली प्रभारी ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। खबर लिखे जाने तक फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया है।
विध्वंसक हो सकती थी आज की आग
ऑक्सीजन प्लांट में जिस जगह में आग लगी थी, उसके अगल-बगल से ऑक्सीजन लाइन गुजर रही थी। यदि आग वहां तक पहुंच जाती तो विध्वंसक स्थिति हो सकती थी, क्योंकि ऑक्सीजन प्लांट में प्रोसेस करके ऑक्सीजन को लिक्विड ऑक्सीजन में बदलकर सिलेंडर में भरा जाता है, जो अत्यंत ज्वलनशील होता है। यहां आग की छोटी सी चिंगारी भी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। ऐसे में वहां आग लगना खतरे से खाली नहीं था। आग लगने के कारण का पता नहीं चल पाया है। जांच के पश्चात पूरी बात सामने आएगी।
ऐसी ही एक आग ने ठप कर दिया 7 दिन तक उत्पादन
ज्ञात हो की जनवरी के महीने में स्टील मेल्टिंग शॉप के कन्वर्टर 2 के ओवर टिल्ट होने एवं टेक्निकल फाल्ट के कारण स्लेग बह गया और केवल में आग लगी थी। आग इतनी भयानक थी कि उस पर काबू पाने में बहुत समय लग गया। हजारों केवल जलकर खाक गए थे। संयंत्र के कई विभागों ने दिन-रात करके पूरी तत्परता के साथ काम किया, तब जाकर 7 दिनों के अंदर उत्पादन को शुरू किया जा सका।
इसी ऑक्सीजन प्लांट में बचाई थी कोरोना काल में हजारों की जान
ज्ञात हो कि भिलाई इस्पात संयंत्र का यह ऑक्सीजन प्लांट 2 कोरोना काल में दिन-रात उत्पादन कर संयंत्र के सेक्टर 9 अस्पताल सहित देश के दूसरे राज्यों में भी ऑक्सीजन सप्लाई करता रहा, जिसके कारण हजारों लोगों की जान बची थी।











