- ओएचपी में एक्स सर्विस मैन के बजाय सीआइएसएफ जवानों की तैनाती की मांग।
- मामला काफी संदिग्ध लग रहा है। रात में एक से डेढ़ बजे की घटना है तो भोर में 4 बजे सीआइएसएफ को खबर क्यों दी गई?
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के भिलाई स्टील प्लांट में बीती रात बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया है। ओर हैंडलिंग प्लांट-ओएचपी ए एरिया में चोरी से हड़कंप मच गया है। 3 चोर प्लांट में घुसे। जीआर कंपनी के सुपरवाइजर का मोबाइल छीन लिया।
करीब 60 मीटर केबल काटने के बाद फोन वापस किए और फरार हो गए। घटना करीब रात एक से डेढ़ बजे की बताई जा रही है। लेकिन, सीआइएसएफ को भोर में 4 बजे खबर दी गई। जबकि यहां सिक्योरिटी की जिम्मेदारी एक्स सर्विस मैन को बीएसपी प्रबंधन ने सौंपी है। घटना के बाद सिक्योरिटी पर सवाल उठ गए हैं।
सीआइएसएफ जवानों ने एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया। हर तरफ घेरबंदी की गई। ओएचपी के ही एक मशीन के पास गड्ढा करके चोर वहीं चोरी का माल छुपाकर रखे थे। सीआइएसएफ जवानों ने चोरी का कॉपर केबल बरामद कर लिया है।
ओएचपी के वरिष्ठ अधिकारियों को दिए बयान में सुपरवाइजर ने बताया कि रात में 3 आदमी आए थे। मोबाइल छीनने के बाद केबल काटना शुरू किए। घेरकर रखे थे, ताकि भाग न सकें। वारदात को अंदाज देने के बाद बोलकर गए कि किसी को बताना नहीं।
बताया जा रहा है कि 60 मीटर केबल को तीन पार्ट में काटा गया है। खबर मिलते ही भोर में सीआइएसएफ की टीम मौके पर पहुंची। पूरा मामला काफी संदिग्ध लग रहा है। रात में जब एक से डेढ़ बजे की घटना है तो भोर में 4 बजे सीआइएसएफ को खबर क्यों दी गई? एक्स सर्विस मैन की ड्यूटी थी तो वह मौके से गायब कैसे रहे? सुपरवाइजर के बयान को लेकर भी आशंका जाहिर की जा रही है? जांच के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
बीएसपी कर्मचारियों का कहना है कि जिस प्वाइंट पर चोरी की वारदात हुई है, वहां काफी जंगल का एरिया है। यहां झाड़ियों की कटाई तक नहीं होती है। प्रकाश व्यवस्था भी ठीक से नहीं है। खुले रास्ते हैं। सीआइएसएफ जवानों की यहां तैनाती होनी चाहिए।















