एमएसएमई के ज्वाइंट डायरेक्टर लोकेश परगनिहा ने दी विस्तृत जानकारी। एसोसिएशन के अध्यक्ष रतन दासगुप्ता ने एमएसएमई क्लस्टर का स्वागत किया।
- एंसिलरी एसोसिएशन कार्यालय में एमएसएमई क्लस्टर डेवलपमेंट को लेकर अवेयरनेस प्रोग्राम।
- एमएसएमई क्लस्टर एक ही शहर या औद्योगिक क्षेत्र में एक ही प्रकार के उत्पाद, सेवा या संबद्ध कार्य करने वाले एमएसएमई उद्योगों का समूह है।
- 20 से 100 इकाइयां आपस में मिलकर काम करती हैं। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे उद्योगों को सामूहिक रूप से मजबूत करना है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। एमएसएमई मंत्रालय ने एमएसएमई डेवलपमेंट एंड फैकल्टेशन ऑफिस रायपुर एवं बीएसपी एंसिलरी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सहयोग से शनिवार, 18 जुलाई को भिलाई स्थित एंसिलरी एसोसिएशन कार्यालय में एमएसएमई क्लस्टर डेवलपमेंट को लेकर अवेयरनेस प्रोग्राम किया। एंसिलरी एसोसिएशन के अध्यक्ष रतन दासगुप्ता के नेतृत्व में एमएसएमई क्लस्टर एवं अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में एमएसएमई, छत्तीसगढ़ के ज्वाइंट डायरेक्टर, एचओडी लोकेश परगनिहा एवं असिस्टेंट डायरेक्टर दामोदर बेहरा ने एमएसएमई क्लस्टर को लेकर विस्तृत जानकारी दी तथा उद्यमियों की शंका और शिकायत का समाधान बताया।
एमएसएमई के ज्वाइंट डायरेक्टर लोकेश परगनिहा ने बताया कि “एमएसएमई क्लस्टर” एक ही शहर या औद्योगिक क्षेत्र में एक ही प्रकार के उत्पाद, सेवा या संबद्ध कार्य करने वाले एमएसएमई उद्योगों का एक समूह है। इसमें आम तौर पर 20 से 100 इकाइयां आपस में मिलकर काम करती हैं। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे उद्योगों को सामूहिक रूप से मजबूत करना है।
उन्होंने बताया कि क्लस्टर के माध्यम से सस्ता कच्चा माल सभी इकाइयाँ मिलकर थोक में खरीदती हैं, जिससे लागत कम हो जाती है। क्लस्टर द्वारा संयुक्त रूप से टेस्टिंग लैब, ट्रेनिंग सेंटर, और वेयरहाउस स्थापित की जा सकती हैं। बेहतर तकनीक और सामूहिक विपणन से इन व्यवसायों की उत्पादकता और बिक्री बढ़ती है।
सिलरी एसोसिएशन के अध्यक्ष रतन दासगुप्ता ने एमएसएमई क्लस्टर का स्वागत करते हुए कहा कि भविष्य में एंसिलरी एसोसिएशन इसके लिए रणनीति बनाएगी। एंसिलरी उद्योग एमएसएमई क्लस्टर बनाएंगे ताकि यहां के एमएसएमई और एंसिलरी उद्योग तेजी से आगे बढ़े। सरकार हमें जो भी दिशा निर्देश देगी हम उसका पालन करेंगे। चर्चा के दौरान उद्यमियों ने एमएसएमई क्लस्टर को लेकर उठने वाली शंकाएं भी बताईं जिसका श्री परगनिहा ने सकारात्मक ढंग से समाधान किया और भविष्य में आने वाली परेशानियों को दूर करने का आश्वासन दिया।
बैठक में एमएसएमई और एंसिलरी उद्योगों के समक्ष आ रही समस्याओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही उद्योगों से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी विचार विमर्श हुआ। अंत में तय हुआ कि एमएसएमई क्लस्टर को लेकर एक माह बाद फिर बैठक की जाएगी। इस बीच एमएसएमई और एंसिलरी से जुड़े उद्यमियों से इस विषय पर चर्चा की जाएगी और उनके सुझाव लिए जाएंगे।
बैठक में एंसिलरी एसोसिएशन के अध्यक्ष रतन दासगुप्ता,पूर्व अध्यक्ष यूएस गुप्ता, वरिष्ठ सदस्य एस चौपड़ा, पीसी लालवानी, डी राय चौधरी, महासचिव श्याम अग्रवाल, उपाध्यक्ष शशि भूषण, सचिव वरुण घोष एवं रवि मिश्रा, वरिष्ठ समन्वयक अवि सहगल सदस्य अर्नव झाम्ब , हरीश मुदलियार, राजकरण यादव,राहुल सियाल सहित अन्य उद्यमी उपस्थित थे।

