वेस्ट हीट से होगा हरित ऊर्जा का उत्पादन, 220 किलो वाट की क्षमता। ऊर्जा दक्षता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल।
- भारत सरकार का लक्ष्य है कि 2070 तक कार्बन उत्सर्जन शून्य करना है। बीएसपी में माइक्रो टीजी परियोजना का शुभारंभ।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के पावर व ब्लोइंग स्टेशन (पीबीएस) विभाग की महत्वाकांक्षी माइक्रो टर्बाइन जनरेटर (माइक्रो टीजी) परियोजना के अनुबंध पर हस्ताक्षर एवं परियोजना की किक-ऑफ बैठक का आयोजन 16 जुलाई 2026 को भिलाई इस्पात संयंत्र के परियोजना कार्यालय में सम्पन्न हुआ।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य वेस्ट हीट का प्रभावी उपयोग कर विद्युत उत्पादन करना, हीट रिकवरी के माध्यम से ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देना तथा संयंत्र की समग्र ऊर्जा दक्षता में वृद्धि करना है। परियोजना के अंतर्गत उत्पादित विद्युत का संयंत्र की विद्यमान 415 वोल्ट विद्युत वितरण प्रणाली के साथ एकीकरण किया जाएगा।
कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं परियोजना दल के सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से मुख्य महाप्रबंधक (विद्युत) टी. के. कृष्णा कुमार, महाप्रबंधक एवं विभाग प्रमुख (पीबीएस) शेख जाकिर, परियोजना प्रबंधक एवं महाप्रबंधक पी. के. मोहन, परियोजना संपर्क अधिकारी एवं वरिष्ठ प्रबंधक अंकुर राठौर, परियोजना विभाग से ए. डी. मिश्रा, पीसीसी-टीके से चन्द्रहास देवांगन, आरडीसीआईएस, रांची से उज्ज्वल मंडल तथा टर्बोटेक, बेंगलुरु की विशेषज्ञ टीम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अनुबंध हस्ताक्षर एवं किक-ऑफ बैठक के दौरान परियोजना के कार्य-क्षेत्र, प्रमुख चरणों, गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों तथा विभिन्न विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। परियोजना के समयबद्ध एवं सुचारु क्रियान्वयन के लिए नियमित प्रगति समीक्षा बैठकें, साप्ताहिक प्रगति प्रतिवेदन तथा स्पष्ट एवं प्रभावी संचार व्यवस्था सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।
उल्लेखनीय है कि भिलाई इस्पात संयंत्र का पीबीएस विभाग इस प्रकार की माइक्रो टीजी परियोजना पर कार्य प्रारंभ करने वाला सेल का पहला संयंत्र बन गया है। यह उपलब्धि ऊर्जा संरक्षण, नवाचार एवं हरित प्रौद्योगिकी को अपनाने की दिशा में भिलाई इस्पात संयंत्र की अग्रणी भूमिका को रेखांकित करती है।
इस अवसर पर वरिष्ठ प्रबंधन ने विश्वास व्यक्त किया कि माइक्रो टीजी परियोजना के सफल क्रियान्वयन से भिलाई इस्पात संयंत्र में हरित विद्युत उत्पादन, ऊर्जा संरक्षण तथा सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। यह परियोजना संयंत्र की ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होगी।

