रिफ्लेक्टिव बेल्ट एक सरल और प्रभावी उपाय है। इससे एक भी सड़क दुर्घटना टलती है, तो रफी का प्रयास सफल माना जाता है।
- 163 निराश्रित मवेशियों को पहनाई गई रिफ्लेक्टिव बेल्ट, सड़क सुरक्षा की दिशा में बीएसपी कर्मचारी का निरंतर प्रयास।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारी मोहम्मद रफी अलग ही राह पर चल पड़े हैं। मवेशियों की जान बचाने की मुहिम का हिस्सा बन चुके हैं। घर बाहर निकलते ही कहीं भी आवारा मवेशी नजर आता, उसके गले में रिफ्लेक्टिव बेल्ट पहना देते। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और आवारा मवेशियों की सुरक्षा के उद्देश्य से चलाए जा रहे रिफ्लेक्टिव बेल्ट अभियान के तहत अब तक 163 रिफ्लेक्टिव बेल्ट निराश्रित गायों को पहनाई जा चुकी है। इस पहल का उद्देश्य रात्रि के समय सड़कों पर मौजूद मवेशियों को वाहन चालकों के लिए दूर से दिखाई देना सुनिश्चित करना है, जिससे संभावित दुर्घटनाओं की आशंका कम हो सके।
रात्रि में सड़क पर बैठे या खड़े निराश्रित पशु अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। रिफ्लेक्टिव बेल्ट वाहन की हेडलाइट की रोशनी पड़ते ही चमकने लगती है, जिससे चालक समय रहते सतर्क होकर सुरक्षित ढंग से वाहन चला सकते हैं।
इस अभियान का संचालन भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के पीबीएस विभाग के कर्मचारी मोहम्मद रफ़ी द्वारा किया जा रहा है। उनके द्वारा सितंबर से ही संयंत्र के भीतर व टाउनशिप के प्रमुख मार्गों एवं दुर्घटना संभावित स्थानों पर निराश्रित गौवंश को चिन्हित कर उन्हें रिफ्लेक्टिव बेल्ट पहनाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। अब तक 163 गौवंश को रिफ्लेक्टिव बेल्ट पहनाकर सड़क सुरक्षा के प्रति एक सार्थक प्रयास किया जा चुका है।
मोहम्मद रफ़ी ने बताया कि, “रिफ्लेक्टिव बेल्ट एक सरल और प्रभावी उपाय है। यदि इससे एक भी सड़क दुर्घटना टलती है, तो हमारा प्रयास सफल माना जाएगा। आने वाले समय में भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।” यह पहल सड़क सुरक्षा के साथ-साथ पशुओं के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश भी देती है तथा छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव की प्रेरणा प्रदान करती है।

