- यूनियन ने कहा-संयत्र को खतरा सिर्फ नियमित कर्मियों से ही है।
- लगातार ठेका श्रमिकों का आना जाना उनका बदलते रहना, क्या इससे संयंत्र को खतरा नहीं है?
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। नव वर्ष के अवसर पर भिलाई कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों की एक बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें यूनियन की ओर से सभी कर्मचारियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर और बायोमेट्रिक पर चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने कहा-बायोमेट्रिक लगाते समय भी प्रबंधन का तर्क था कि श्रमिकों के पेमेंट और अटेंडेंस में हेराफेरी रोकने के लिए इसे लागू करना जरूरी है, पर श्रमिकों की समस्या जब की तस है। इसी प्रकार प्रबंधन अभी तर्क दे रहा है कि संयत्र एवं सामान की सुरक्षा के लिए आर एफ आई डी लगाया जाना आवश्यक है।
प्रश्न यह है कि संयत्र को खतरा सिर्फ नियमित कर्मियों से ही है। लगातार ठेका श्रमिकों का आना जाना उनका बदलते रहना, क्या इससे संयंत्र को खतरा नहीं है? इसलिए संयंत्र कर्मियों की इन बातों पर ध्यान दिया जाना आवश्यक है कि पहले ठेकेदार, ठेका श्रमिकों और सुपरवाइजर को इस दायरे में लाया जाए।
सिन्टर प्लान्ट, कोक ओवन, ब्लास्ट फर्नेस, एसएमएस, आरएमपी जहां अत्यधिक धूल धुआं केमिकल रिएक्शन के कारण कर्मचारी हार्ट, लीवर, शुगर जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित हो रहें हैं। स्वस्थ्य प्रदूषण मुक्त वातावरण निर्मित किया जाए, उनके लिए अच्छा रेस्ट रूम, कैंटीन, धूल रहित रोड होनी चाहिए।
महिला कर्मचारी जब कार्य स्थल पर हों, उस समय उनके छोटे बच्चों के लालन-पालन और खान पान की उचित व्यवस्था की जाए, उनके लिए संयंत्र के बाहर झूलाघर की व्यवस्था की जाए।
वर्तमान में संयंत्र के लगभग 60% कर्मचारी 50 वर्ष से ऊपर के हैं। संयंत्र की सेवा करते-करते विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे हैं। बच्चे शहर से बाहर रह रहे हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियां ज्यादा है। खुद को और परिवार को लेकर अधिकतम समय डाक्टर और अस्पताल में बीत रहा है। ऐसे में प्रबंधन नित्य नए नियम बनाकर कर्मचारियों को डराने की कोशिश कर रहा है जो मानवीय दृष्टि से ठीक नहीं है।
अस्पताल में डॉक्टर, नर्स एवं पैरामेडिकल स्टाफ की कमी है। पहले इसे दूर किया जाना चाहिए, जिससे कर्मचारी और उसके परिवार को बेहतर चिकित्सीय सुविधा मिल सके। साथ ही भर्ती के समय अटेंडेंस की व्यवस्था मिल सके।
मीटिंग में अध्यक्ष राजेश चौहान, महामंत्री अशोक कुमार माहौर, कार्यकारी अध्यक्ष आनंद पांडेय, श्रीनिवास मिश्रा, कोषाध्यक्ष प्रवीण मारडीकर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अवधेश पाण्डेय, उपाध्यक्ष तरूण सेमुअल, ओपी तीतरमारे, डीजीएस अनुराग महुलकर, विष्णु साहू उपस्थित थे।











