BSP News: सेक्टर 9 हॉस्पिटल अव्यवस्था से बीमार, ऑनलाइन दवाई की लंबी लाइन, ठोकर खा रहे मरीज़

BSP News Sector 9 Hospital is Suffering From Chaos Long Queues for Online Medicines Patients Are Facing Problems (1)

सेक्टर 9 अस्पताल में ऑनलाइन दवा वितरण एवं एंट्री सिस्टम से सम्बंधित समस्याओं का निराकरण किया जाए।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र का अस्पताल तेजी से ऑनलाइन सिस्टम की तरफ बढ़ रहा है। किंतु इसमें बहुत सी खामियां उभर कर सामने आ रही है। शिकायत करने के बावजूद इन खामियों को दूर करने वाला विभाग सीएंडआईटी अब तक इसे सुधार नहीं सका है।

इसके कारण अस्पताल के कर्मी एवं मरीज दोनों परेशान हो रहे हैं। सीटू ने कार्यपालक निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं) को पत्र लिखकर कहा कि सीएंडआईटी विभाग से बात करके सेक्टर 9 अस्पताल में ऑनलाइन दवा वितरण एवं एंट्री सिस्टम से सम्बंधित समस्याओं का निराकरण किया जाए, जिससे मरीजों और अस्पताल में कार्यरत फार्मेसी कर्मचारियों की परेशानी दूर हो सके।

Vansh Bahadur

काउंटर नंबर 1,2,3,4 पर्ची से दवा के लिए तय किया गया है। इसी तरह काउंटर नंबर 5,6,7,8 आनलाइन दवा के लिए है। इसमें कभी आनलाइन दवा काउंटर खाली रहता है। लेकिन पर्ची दवा काउंटर में लम्बी लाइन ही मिलती है।

सभी काउंटर से किया जाए दवाई का ऑनलाइन एवं ऑफलाइन वितरण

सीटू नेता ने कहा कि यह बात लगातार संज्ञान में आ रही है कि अलग-अलग ओपीडी में डाक्टरों द्वारा मरीजों को ऑनलाइन दवा लिखने की व्यवस्था शुरू किया गया है। और इसका विस्तार भी किया जा रहा है। लेकिन फार्मेसी में ऑनलाइन दवा वितरित करने का एक काउंटर था, जिसे अब चार किया गया है। चार काउंटर ऑफलाइन दवाई वितरित कर रहे हैं।

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मरीज अलग-अलग ओपीडी में डाक्टर को दिखाने पर एक डाक्टर ऑनलाइन दवा लिखने एवं दूसरे डाक्टर ऑफलाइन स्लिप में दवा लिखने पर मरीज को अलग-अलग काउंटर में घंटों लाइन लगाना पड़ता है। इसीलिए अस्पताल में हॉस्पिटल इनफॉरमेशन मैनेजमेंट सिस्टम को पूरी तरह से स्थापित करते तक सभी काउंटर से ऑनलाइन और ऑफलाइन स्लिप द्वारा दवाई देने की व्यवस्था किया जाए।

क्या होता है हॉस्पिटल इनफॉरमेशन मैनेजमेंट सिस्टम

सीटू नेता ने बताया कि इसे हम एचआईएमएस अर्थात हॉस्पिटल इनफॉरमेशन मैनेजमेंट सिस्टम कहते हैं। यह अस्पताल सूचना प्रबंधन प्रणाली है। यह एक व्यापक सॉफ्टवेयर समाधान है, जिसका उपयोग स्वास्थ्य सेवा सुविधाओं द्वारा उसके संचालन की विभिन्न पहलुओं को प्रबंध करने के लिए किया जाता है। जिसमें रोगी रिकॉर्ड, अपॉइंटमेंट, बिलिंग और इन्वेंट्री शामिल है।

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इस सिस्टम के पूरी तरह से लागू होने पर अस्पताल में पूरी व्यवस्था ऑनलाइन हो जाएगा। इस सिस्टम के द्वारा अस्पताल के विभिन्न विभागों और कार्यों को एक डिजिटल प्लेटफार्म में एकीकृत किया जा सकेगा, जिससे अस्पताल के कार्य प्रवाह को डिजिटल और सुव्यवस्थित करने के साथ-साथ अस्पताल के भीतर दक्षता, सटीकता और संचार में व्यापक सुधार होगा। इसके लिए व्यापक सॉफ्टवेयर के साथ-साथ उच्च क्षमता वाले सर्वर का होना आवश्यकता है।

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सीएंडआईटी दुरुस्त करे दवाइयों की ऑनलाइन एंट्री सिस्टम को

सीटू नेता ने बताया कि अस्पताल के सेंट्रल फार्मेसी एवं विभिन्न हेल्थ सेंटर के फार्मेसी द्वारा सेंट्रल मेडिकल स्टोर से दवाइयां लाकर दवाइयों को स्वैप द्वारा हॉस्पिटल इनफॉरमेशन मैनेजमेंट सिस्टम में एंट्री किया जाता है। मरीजों को दवा वितरित करने के बाद वितरित दवाइयां को एंट्री करने पर सिस्टम से दवाई कम होने लगता है।

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किंतु सिस्टम में गड़बड़ी होने के कारण सेंट्रल मेडिकल स्टोर से लाई हुई दवाइयां स्वैप द्वारा हॉस्पिटल इनफॉरमेशन मैनेजमेंट सिस्टम में एंट्री नहीं हो पा रही है, जिसके कारण वितरित की जा रही दवाइयों की एंट्री भी बंद है।

दवाइयों के हिसाब रखने में दिक्कतें आ रही है। इसके लिए सीएंडआईटी के अधिकारियों को बताने के बावजूद अभी तक स्थिति जस की तस है। भविष्य में दवाईयों के ऑडिट में भी परेशानी आ सकती है।

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इन ओपीडी में लिखे जा रहे हैं ऑनलाइन दवाइयां

सीटू नेता ने बताया कि हर मरीज के नाम से एक सीआरएन नंबर बनाया जाता है, जिसे ओपीडी बुक के सामने के पन्ने में दर्ज कर दिया जाता है। जिसे खोलकर डॉक्टर मरीज को किया जाने वाला इलाज एवं दवाईयों को एंट्री करते हैं।

मौजूदा समय में मेडिसिन, ऑर्थोपेडिक, आई, सर्जरी, स्किन, डेंटल, पेडियाट्रिक आदि ओपीडी में ऑनलाइन दवाइयां लिखी जा रही है। कभी-कभी ऑनलाइन सिस्टम गड़बड़ होने पर इन ओपीडी में भी ऑफलाइन पर्ची पर दवाई लिखकर दे दिया जाता है।