- बीएसपी के ठेका श्रमिकों को जल्द मिले केंद्रीय न्यूनतम वेतन एवं सुविधाओं में हो बढ़ोतरी
- श्रमिक वर्तमान में कार्यरत हैं, उन्हें कार्य की गारंटी दी जाए।
- ठेका कंपनी बदलने की स्थिति में भी श्रमिकों को यथावत कार्य पर रखा जाए।
- सभी ठेका श्रमिकों को प्रोत्साहन पुरस्कार दिया जाए।
- ठेका मजदूरों का 20 लाख का दुर्घटना बीमा किया जाए।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील ठेका श्रमिक यूनियन (इंटक) की कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक सेक्टर-4 स्थित यूनियन कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत ठेका श्रमिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों एवं मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि भिलाई इस्पात संयंत्र में उत्पादन, उत्पादकता एवं लाभार्जन में 75 प्रतिशत से अधिक योगदान ठेका श्रमिकों का है, इसके बावजूद उन्हें कई मूलभूत सुविधाओं से अभी भी वंचित रहना पड़ रहा है।
बैठक में यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र में लगभग 25 हजार ठेका श्रमिक विभिन्न विभागों में लंबे समय से कार्यरत हैं। केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम तथा केंद्र के लेबर लाइसेंस के अंतर्गत होने के बावजूद यहां के ठेका श्रमिकों को राज्य का न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है, जिससे श्रमिकों में आक्रोश व्याप्त है। बैठक में निर्णय लिया गया कि बीएसपी प्रबंधन जल्द से जल्द भिलाई इस्पात संयंत्र में केंद्रीय न्यूनतम वेतन अथवा न्यूनतम ₹26,000 प्रतिमाह लागू करे।
बैठक में यह भी मांग की गई कि ठेका श्रमिकों को समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए तथा बीएसपी में ठेका श्रमिकों की 20 प्रतिशत कटौती को तत्काल बंद किया जाए। सभी ठेका श्रमिकों को मोटरसाइकिल भत्ता चिकित्सा सुविधा, आवास अथवा आवास भत्ता, रात्रि भत्ता एवं कैंटीन भत्ता उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में यह भी मांग उठाई गई कि जो श्रमिक वर्तमान में कार्यरत हैं, उन्हें कार्य की गारंटी दी जाए तथा ठेका कंपनी बदलने की स्थिति में भी श्रमिकों को यथावत कार्य पर रखा जाए। साथ ही सभी ठेका श्रमिकों को प्रोत्साहन पुरस्कार दिया जाए तथा उनका ₹20 लाख का दुर्घटना बीमा किया जाए।
यूनियन ने यह भी मांग की कि ठेका श्रमिकों को संयंत्र के सभी प्रवेश द्वारों से आने-जाने की अनुमति दी जाए। ठेका श्रमिकों के बच्चों को बीएसपी स्कूल में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए तथा सभी श्रमिकों को नियमित रूप से वेतन पर्ची एवं लीव कार्ड उपलब्ध कराया जाए। साथ ही ठेका कार्य प्रारंभ होने के एक माह पूर्व श्रमिकों का मेडिकल परीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
स्टील ठेका श्रमिक यूनियन (इंटक) के अध्यक्ष संजय कुमार साहू ने कहा कि ठेका श्रमिकों की समस्याओं एवं मांगों को लेकर यूनियन लगातार प्रयासरत है। कई विषयों पर कार्य प्रारंभ हो चुका है तथा केंद्रीय न्यूनतम वेतन सहित अन्य सुविधाओं के संबंध में शीघ्र ही उच्च प्रबंधन से चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ठेका श्रमिकों के वेतन वृद्धि, ईपीएफ एवं ईएसआई की नियमित व्यवस्था, कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, वर्षों से कार्यरत श्रमिकों को स्थायीकरण का अवसर देने तथा सेवानिवृत्त एचएसएलटी श्रमिकों के लंबित मामलों के निराकरण के लिए भी यूनियन लगातार प्रयास कर रही है।
यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि यदि ठेका श्रमिकों की जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की जाती है तो यूनियन आगे की रणनीति तय कर आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होगी।
बैठक में सी.पी. वर्मा, दीनानाथ सिंह सार्वा, आर. दिनेश, मनोहर लाल, गुरुदेव साहू, जयराम ध्रुव, किशोर प्रधान, प्रदीप विश्वास, जय किशोर ब्राह्मे, शैलेंद्र कांत सक्सेना, डी. शंकर, संतोष ठाकुर, कान्हा के रामू, बलराम वर्मा, कामता पटेल, देवेंद्र कुमार, महेंद्र कुमार, नरेंद्र कुमार, यशवंत टोमन लाल सहित यूनियन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे।



















