- सीबीआई ने देशभर में 61 ठिकानों पर छापेमारी कर 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
- गिरफ्तार आरोपियों में केनरा बैंक, पटना के तत्कालीन असिस्टेंट मैनेजर और एक्सिस बैंक, पटना के तत्कालीन बिजनेस डेवलपमेंट एसोसिएट शामिल हैं।
सूचनी न्यूज, नई दिल्ली/पटना। साइबर ठगी के लिए म्यूल अकाउंट खोलने और उनके संचालन में संलिप्त दो बैंक अधिकारियों को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने गिरफ्तार किया है। ये अधिकारी संगठित साइबर अपराधियों के साथ साजिश कर फर्जी खातों के जरिए ठगी की रकम का लेन-देन कराने में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
सीबीआई की जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपियों में केनरा बैंक, पटना के तत्कालीन असिस्टेंट मैनेजर और एक्सिस बैंक, पटना के तत्कालीन बिजनेस डेवलपमेंट एसोसिएट शामिल हैं।
डिजिटल डिवाइसों के विश्लेषण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सीबीआई ने इनके खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि इन दोनों बैंक अधिकारियों ने न केवल म्यूल अकाउंट खोलने और उन्हें सक्रिय करने में मदद की, बल्कि साइबर ठगों को मनी म्यूल लेन-देन के तरीकों पर मार्गदर्शन भी दिया।
सीबीआई के अनुसार, इन अधिकारियों ने साइबर अपराधियों को सिस्टम में उत्पन्न होने वाले रेड फ्लैग से बचने के तरीके भी बताए। इसके बदले में उन्हें अनुचित लाभ (क्विड प्रो क्वो) प्राप्त हुआ, जिसके प्रमाण भी जांच में मिले हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले सीबीआई ने देशभर में 61 ठिकानों पर छापेमारी कर 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनके खिलाफ आईपीसी/बीएनएस तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत चार्जशीट दाखिल की थी।
ताजा कार्रवाई में दोनों बैंक अधिकारियों को 24 दिसंबर 2025 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी और बिहार के बेतिया से गिरफ्तार किया गया। ट्रांजिट रिमांड लेने के बाद उन्हें संबंधित न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
सीबीआई ने बताया कि म्यूल अकाउंट खोलने और उनके संचालन से जुड़े अन्य बैंक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच जारी है। यह कार्रवाई भारत सरकार की साइबर अपराध और उसके नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।











