NJCS बैठक से पहले CITU का प्रदर्शन, लंबित भुगतान और वेतन समझौता जल्द पूर्ण करने की मांग, चेतावनी भी

CITU Protests Before NJCS Meeting Demands Early Completion of Wage Agreement also Warns
  • यदि सेल प्रबंधन 9 दिसंबर की बैठक में कुछ गोल-मोल करता है तो सभी को 9 दिसंबर की बैठक के बाद बड़े संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। हिंदुस्तान स्टील एम्पलाइज यूनियन सीटू भिलाई ने 29 नवंबर को बोरिया गेट में प्रदर्शन कर सेल प्रबंधन से मांग किया कि 9 दिसंबर को होने वाले एनजेसीएस की बैठक में यूनियनों द्वारा रखे गए प्रस्ताव पर सकारात्मक चर्चा कर वेतन समझौता पूर्ण करें। इस मांग को लेकर पूरे सेल के अलग-अलग इकाइयों में सीटू द्वारा प्रदर्शन कर प्रबंधन के सामने मांग को रखा जा रहा है।

ज्ञात हो कि यूनियनों द्वारा हड़ताल के आह्वान के बाद मुख्य श्रम आयुक्त केंद्रीय द्वारा नई दिल्ली में बुलाई गई सुलह बैठक के परिणाम स्वरूप 9 दिसंबर को एनजेसीएस की बैठक दिल्ली में आयोजित हो रही है।

सेल प्रबंधन में बनाया वेतन समझौता लटकाने का कीर्तिमान

सीटू नेताओं ने कहा-बहुमत के आधार पर आधा अधूरा ही सही 21 एवं 22 अक्टूबर 2021 को मेमोरेंडम आफ अंडरस्टैंडिंग होने के बाद मेमोरेंडम का एग्रीमेंट हेतु यूनियनों द्वारा प्रबंधन के सामने कई बार प्रस्ताव रखे। किंतु टालमटोल की नीति के चलते अभी तक वेतन समझौता पूर्ण नहीं हो सकता है।

वेतन समझौता 1 जनवरी 2017 से लागू होना है किंतु पूरे 107 महीना अर्थात 8 साल 11 महीना बीत जाने के बाद भी अभी तक समझौता पूर्ण न होना अपने आप में किसी कीर्तिमान से कम नहीं है और यह कीर्तिमान सेल प्रबंधन ने बनाया है।

इन मांगों को मान कर पूर्ण करें वेतन समझौता

महासचिव जगन्नाथ प्रसाद त्रिवेदी ने कहा-हाउस रेंट पर्क्स, हाउस रेंटल अलांउस, एक अतिरिक्त इंक्रीमेंट देने, ग्रेच्युटी सीलिंग हटाने, मजदूर विरोधी बोनस फार्मूला खारिज करने, विशाखापट्टनम इस्पात संयंत्र के कर्मियों के लिए 2017 से मेमोरेंडम का अंडरस्टैंडिंग में निर्धारित हुए नया वेतन देने, ठेका श्रमिकों के वेतन समझौता को संपन्न करने सहित कई मांग लंबित है जिस पर चर्चा कर सहमति बनाने के साथ वेतन समझौता को पूर्ण किया जाना है।

एरियर्स के बारे में प्रबंधन ले सैद्धांतिक निर्णय

वेतन समझौता में प्रबंधन एवं कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के बीच यह अवरोध है कि प्रबंधन 39 महीने का एरियर्स देगा या नहीं। इस दौरान सेवानिवृत्ति हुए कर्मचारियों को कुछ नहीं मिला, जबकि 1 जनवरी 2017 से लागू हुए मूल वेतन एवं महंगाई भत्ते के अंतर को एरियर्स के रूप में दिया जाना चाहिए था। किंतु केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए अफोर्डिबिलिटी क्लास का हवाला देकर सेल प्रबंधन ने रोक लगा दिया है इसीलिए एरियर्स देने के बारे में प्रबंधन को ही सैद्धांतिक निर्णय लेना होगा।

9 दिसंबर की बैठक विफल हुई तो तैयार रहे बड़े संघर्ष के लिए

सीटू नेता ने कहा कि जब भी दिल्ली में बैठक होती है तो सब तरफ यह फैला दिया जाता है कि इस बैठक में कुछ ना कुछ नतीजा निकल जाएगा। सीटू भी 9 दिसंबर की बैठक को लेकर आशान्वित है बावजूद इसके यदि प्रबंधन 9 दिसंबर की बैठक में कुछ गोल-मोल करता है तो सभी को 9 दिसंबर की बैठक के बाद बड़े संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा।