20% ठेका श्रमिकों की कटौती पर रोक की मांग, ओवरलोड ट्रांसपोर्ट पर BMS का सवाल

Demand for a Ban on Retrenchment of Contract Workers Questions also Raised on Overloaded Transport
  • भिलाई स्टील प्लांट में ओवरलोड परिवहन से सड़कों की स्थिति खराब हो रही है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।

सूचनजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात मजदूर संघ (बीएमएस) के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य महाप्रबंधक (एम एंड यू) बी.के. बेहरा से मुलाकात कर संयंत्र से जुड़े विभिन्न श्रमिक मुद्दों को उठाया। इस दौरान सबसे प्रमुख मांग ठेका श्रमिकों की 20% कटौती पर तत्काल रोक लगाने की रही।

संघ ने बताया कि ठेका श्रमिकों की कटौती से उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कई विभागों में श्रमिकों को सप्ताह में केवल चार दिन ही काम पर बुलाया जा रहा है, जिससे उनकी आय में कमी आई है और परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। साथ ही, कम संख्या में श्रमिक होने के कारण कार्य का दबाव भी बढ़ गया है।

प्रतिनिधिमंडल ने संयंत्र के भीतर ओवरलोड ट्रकों और हाईवा के संचालन पर रोक लगाने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि ओवरलोड परिवहन से सड़कों की स्थिति खराब हो रही है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि बड़े वाहनों में चालक के साथ एक हेल्पर की नियुक्ति अनिवार्य की जाए, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

इस पर मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि संयंत्र के भीतर सड़क अवसंरचना को मजबूत करने का कार्य जारी है। एसपी-2, सीएचएम और ब्लास्ट फर्नेस क्षेत्रों में कंक्रीट सड़कें बनाई जा चुकी हैं और अन्य विभागों में भी सड़क सुधार की योजना पर जल्द काम शुरू किया जाएगा।

बैठक में सेक्टर-1 स्थित क्रिकेट मैदान में वाटर कूलर और प्रकाश व्यवस्था में सुधार की मांग भी उठाई गई। साथ ही, पूरे स्टेडियम के रखरखाव की जिम्मेदारी भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा लेने का प्रस्ताव रखा गया। इस पर प्रबंधन ने स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्य शीघ्र कराने का आश्वासन दिया। बैठक में संघ के उपाध्यक्ष शारदा गुप्ता, संयुक्त महामंत्री वशिष्ठ वर्मा, हरिशंकर चतुर्वेदी और विमलेश्वर पांडे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।