- अध्यक्ष हरिओम ने कहा कि प्रमोटी अधिकारियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) ने सेल के निदेशक (कार्मिक), चेयरमैन तथा बीएसएल निदेशक प्रभारी को पत्र लिखकर जेओ (J0/E0) परीक्षा एवं पदोन्नति नीति में कर्मचारियों के हितों के अनुरूप संशोधन करने की मांग की है।
संघ का कहना है कि 11 फरवरी 2026 को जेओ ई-0 पदोन्नति से संबंधित ड्राफ्ट सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ, जबकि उसी दिन तक सेल कॉरपोरेट कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर यह ड्राफ्ट अपलोड नहीं था।
संघ ने अपनी मांगों में कहा है कि जेओ ई-0 परीक्षा के माध्यम से पदोन्नति/चयन के लिए पात्र कर्मचारियों (S-6 ग्रेड एवं उससे ऊपर) की कुल संख्या का कम से कम 10 प्रतिशत रिक्तियां घोषित की जाएं, ताकि लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का चयन सुनिश्चित हो सके। उनका तर्क है कि 10 प्रतिशत रिक्तियां निर्धारित होने से विभागीय कर्मचारियों को उचित अवसर, प्रेरणा एवं भविष्य की स्पष्टता मिलेगी।
पात्रता अवधि में संशोधन की मांग करते हुए संघ ने कहा है कि बीटेक, एमबीए, एमसीए, पीएचडी जैसे उच्च शिक्षित कर्मचारियों को S-4 ग्रेड से, डिप्लोमा धारकों को S-5 ग्रेड से तथा आईटीआई पास कर्मचारियों को S-6 ग्रेड में पदोन्नति के बाद E0/J0 परीक्षा के लिए पात्र घोषित किया जाए।
साथ ही अनुभव की न्यूनतम अवधि 10 वर्ष के स्थान पर 7 वर्ष की जाए तथा अनुभव की गणना नियुक्ति तिथि से की जाए। संघ ने उदाहरण देते हुए कहा कि नवरत्न कंपनी बीएसएनएल में 7 वर्ष की सेवा के बाद डिप्लोमा अभियंताओं को अधिकारी वर्ग में पदोन्नति का अवसर दिया जाता है।
संघ ने यह भी मांग की है कि प्रबंधन से अनुमति लेकर अभियंत्रण विषय में अध्ययन कर रहे तथा अंतिम वर्ष/सेमेस्टर में अध्ययनरत कर्मचारियों को भी परीक्षा में पात्रता दी जाए। एमटीटी/एमटीए परीक्षा में विभागीय कर्मियों के लिए कुल रिक्तियों का 10 प्रतिशत आरक्षित करने तथा मेडिकल एवं स्वास्थ्य सेवा के अनाधिशासी कर्मियों के लिए संयंत्र कर्मियों के समान पदोन्नति व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गई है।
संघ ने ड्राफ्ट नीति में ई-0 ग्रेड में तीन वर्ष के कार्यकाल का प्रावधान रखने पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि एमटीटी चयनित अधिकारियों को मात्र एक वर्ष के प्रशिक्षण के बाद ई-1 ग्रेड का वेतनमान एवं सहायक प्रबंधक पदनाम दिया जाता है, जबकि वर्षों का अनुभव रखने वाले प्रमोटी कर्मचारियों को अपेक्षाकृत कम लाभ दिया जाना भेदभावपूर्ण है।
संघ अध्यक्ष हरिओम ने कहा कि प्रमोटी अधिकारियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा पदोन्नति नीति की खामियों को दूर करने के लिए प्रबंधन से शीघ्र सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा है।











