- संसद के समक्ष राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन, रेल रोको जैसे कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की जा रही है।
सूचनाजी न्यूज, वाराणसी। रेल कर्मचारियों (RAIL Employee) ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए सड़क पर उतर कर प्रदर्शन को तेज कर दिया है। UPS और NPS की विफल नीतियों के विरुद्ध कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। इंडियन रेलवे एम्प्लॉयी फेडरेशन (IREF) के नेतृत्व में, एनई रेलवे मेंस कांग्रेस, अटेवा, DLWRMU, और उत्तर रेलवे के कर्मचारी यूनियनों के संयुक्त तत्वावधान में विशाल मशाल जुलूस निकाला गया। यह प्रदर्शन केंद्र सरकार की NPS एवं UPS नीतियों के विरोध और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पुनः लागू करने की मांग को लेकर आयोजित किया गया। पीएम नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी से बड़ा संदेश दिया गया है।
कर्मचारियों की ये मांगे
1. पुरानी पेंशन योजना (OPS) को तत्काल बहाल किया जाए।
2. NPS/UPS की असुरक्षित एवं कर्मचारी-विरोधी संरचना को समाप्त किया जाए।
3. कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के पश्चात सुनिश्चित सामाजिक सुरक्षा मिले।
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NPS एवं UPS की मुख्य कमियाँ:
यह योजनाएँ सेवानिवृत्ति के बाद स्थायी आय की गारंटी नहीं देतीं।
कर्मचारियों को बाजार आधारित जोखिम के अधीन कर दिया गया है।
पारिवारिक पेंशन, महँगाई राहत, और सामाजिक सुरक्षा का स्पष्ट प्रावधान नहीं है।
UPS मॉडल से रेलवे की स्वायत्तता और कर्मचारी हितों पर खतरा मंडरा रहा है।
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कर्मचारियों की चेतावनी:
केंद्रीय एवं राज्य कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि OPS को शीघ्र बहाल नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। संसद के समक्ष राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन, रेल रोको जैसे कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की जा रही है।
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NMOPS (नेशनल मूवमेंट फ़ॉर ओल्ड पेंशन स्कीम) एवं FANPSR ( फ्रंट अगेंस्ट NPS इन रेलवे) के संयोजकों ने सरकारों को चेताया कि यदि कर्मचारी हित विरोधी NPS/UPS को वापस नही लिया गया तो यह रोष शीघ्र ही राष्ट्रव्यापी जनांदोलन का स्वरूप ले लेगा।
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नेताओं के वक्तव्य:
IREF के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं एन ई रेलवे मेंस कांग्रेस के केंद्रीय अध्यक्ष अखिलेश पाण्डेय ने कहा, “सरकार की नई पेंशन प्रणाली हमारे जीवनभर की सेवा को बाज़ार के हवाले कर रही है। यह केवल आर्थिक शोषण नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक सुरक्षा का भी हनन है। हम पुरानी पेंशन के बिना पीछे हटने वाले नहीं हैं। सड़क से संसद तक अनवरत संघर्ष जारी रहेगा”
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सत्येंद्र राय ,प्रदेश उपाध्यक्ष/अटेवा ने कहा कि “यह मशाल जुलूस हम सभी OPS विहीन कर्मचारियों की सामूहिक आवाज है। अब वक्त आ गया है कि हम सिर्फ घरों में बैठकर नहीं, बल्कि सड़कों पर उतरकर अपने हक, अपने भविष्य और अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ें।”
सुशील कुमार सिंह/संगठन मंत्री/ डी एल डबल्यू रेल मजदूर यूनियन में कहा कि पुरानी पेंशन बहाली हेतु आंदोलन चलता रहेगा और एनपीएस यूपीएस का जबरदस्त विरोध किया जाएगा कर्मचारी भ्रम में आने वाले नहीं है कर्मचारी जग गए है पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन तब तक चलता रहेगा जब तक पुरानी पेंशन बहाली नही हो जाए।
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मीडिया प्रभारी/आई आर ई एफ( सम्बद्ध AICCTU)/ दुर्गेश पाण्डेय ने कहा कि “आज हम ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहां हमारा भविष्य अनिश्चित है, देश की सार्वजनिक संपत्तियां धीरे-धीरे निजी हाथों में सौंपी जा रही हैं। भारत की जीवनरेखा भारतीय रेल को भी इससे अछूता नहीं रखा गया है। हमें मिलकर इस नीति का विरोध करना होगा, वरना कल तक तो बहुत देर हो जाएगी।”
DLWRMU, अटेवा, और उत्तर रेलवे यूनियन के पदाधिकारियों ने एक स्वर में NPS को “नो पेंशन स्कीम” करार देते हुए संयुक्त कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के गठन की बात कही। यह आंदोलन किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि समस्त सरकारी कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा की लड़ाई है।
इंडियन रेलवे एम्प्लॉयी फेडरेशन (Indian Railway Employees Federation) सभी कर्मचारी संगठनों से अपील करता है कि वे इस संघर्ष में शामिल हों और पुरानी पेंशन योजना की बहाली तक यह आंदोलन जारी रखें।
अटेवा के चंद्र प्रकाश गुप्ता, जिला संयोजक विनोद यादव,DLW से प्रदीप कुमार यादव, दीपक कुमार, देवनारायण भट्ट, सरोज कुमार, उतर रेलवे से शशि द्विवेदी, मनोरंजन पाण्डेय मेंस कांग्रेस के महामंत्री अब्दुल शेख, मंडल मंत्री राकेश पाल, मनोज कुमार मंडल अध्यक्ष, उपाध्यक्ष गोपी नाथ,संयुक्त मंत्री अभिषेक चतुर्वेदी, देवानंद यादव, महेंद्र दुबे , अकील अहमद, डी के श्रीवास्तव, सुजीत कुमार, राजपति पाल, अभिषेक दूबे शाखा मंत्री इत्यादि प्रमुख रूप से शामिल रहे।