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EPS 95 Higher Pension Big News: फरार नियोक्ता बनाम असहाय पेंशनभोगी

10/01/2025 (Last updated: 10/01/2025) 1 minute read
EPS 95 Higher Pension Big News: Absconding employer vs helpless pensioner

31 जनवरी तक नियोक्ता द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित संयुक्त विकल्प फॉर्म जमा करवा दें। इसके अभाव में वे पेंशन से वंचित हो जाएंगे।

  • केंद्रीय मंत्री को ईपीएफओ को निर्देश देना चाहिए कि वे विधिवत भरे गए आवेदनों को स्वीकार करें और फरार नियोक्ताओं की अनुमति के बिना भी आवश्यक कार्रवाई के लिए उन पर कार्रवाई करें।

सूचनाजी न्यूज, रायपुर। कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (Employee Pension Scheme 1995) के तहत हायर पेंशन से वंचित पेंशनभोगियों का दर्द एक बार फिर सामने आ गया है। फरार नियोक्ता बनाम असहाय पेंशनभोगी पर अनिल कुमार नामदेव ने कटाक्ष किया है।

ये खबर भी पढ़ें: Employees Pension Scheme 1995: EPS 95 पेंशन किसी तनाव से कम नहीं, पुरानी पेंशन करें बहाल

ईपीएस 95 राष्ट्रीय पेंशन संघर्ष समिति रायपुर (EPS 95 Rashtriya Pension Sangharsh Samiti Raipur) के अध्यक्ष अनिल नामदेव का कहना है कि ईपीएफओ पेंशनभोगियों से कह रहा है कि वे अपने दावों को संसाधित करने के लिए दिए गए अंतिम अवसर 31.01.2025 तक नियोक्ता द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित संयुक्त विकल्प फॉर्म जमा करवा दें, क्योंकि इसके अभाव में वे पेंशन मामलों का निपटान करने में असमर्थ हैं।

ये खबर भी पढ़ें: ईपीएस 95 न्यूनतम पेंशन: केवल पीएम मोदी के शब्दों के मायने हैं, भाजपा नेताओं के बयान का महत्व नहीं, पेंशनभोगी ने दिए सबूत

यह ईपीएफओ की एक और चाल है, जिससे पेंशनभोगियों के वैध दावों को किसी न किसी आधार पर सीमित किया जा सके। ईपीएफओ अच्छी तरह जानता है कि कई प्रतिष्ठान ऐसे हैं, जिन्होंने अपना कारोबार बंद कर दिया है और मालिकों ने पीएफ स्टेटमेंट के अनिवार्य रिटर्न भेजना बंद कर दिया है।

ये खबर भी पढ़ें: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को वेतन के नाम पर सिर्फ मानदेय, न ग्रेच्युटी और न पेंशन

अनिल नामदेव का कहना है कि दिए गए समय में ऐसा न करने पर ऐसे नियोक्ताओं के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकता है। ईपीएफओ के पास पूरा रिकॉर्ड है, फिर भी वह पेंशनभोगियों से नियोक्ताओं से जेओएफ हस्ताक्षरित करवाने का आग्रह कर रहा है, जिनके ठिकाने ऐसे पेंशनभोगियों को बिल्कुल भी पता नहीं हैं।

ये खबर भी पढ़ें: Employees Pension Scheme 1995: मोदी जी…ईपीएस 95 न्यूनतम पेंशन 7500 भरपाई कीजिए वृद्धावस्था पेंशन से

अगर कोई कंपनी बंद हो गई है और नियोक्ता उपलब्ध नहीं है या उसका पता नहीं चल पा रहा है, तो यह गरीब पेंशनभोगी की गलती नहीं है। ईपीएफओ को ऐसे पेंशनभोगियों के आवेदनों को अनदेखा या अस्वीकार नहीं करना चाहिए, क्योंकि उनके नियोक्ताओं की अनुमति नहीं है, जिनका पता नहीं लगाया जा सकता है और उन्हें उनके आवेदनों को स्वीकार करना चाहिए और उन पर कार्रवाई करनी चाहिए।

ये खबर भी पढ़ें: EPS 95 Pension News: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से कोई ये सवाल क्यों नहीं करता…?

ईपीएफओ को कुछ ऐसे माध्यम खोजने चाहिए, जिससे कई गरीब पेंशनभोगियों को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ईपीएफओ को ऐसे आवेदनों को अस्वीकार नहीं करना चाहिए, क्योंकि उसके पास सभी पेंशनभोगियों का पूरा रिकॉर्ड है। उन्हें ऐसे पेंशनभोगियों की मदद करनी चाहिए और ईपीएफओ के पास ऐसे आवेदकों के आवेदनों को अस्वीकार करने का कोई कारण या अधिकार नहीं है।

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संबंधित केंद्रीय मंत्री को ईपीएफओ को निर्देश देना चाहिए कि वे विधिवत भरे गए आवेदनों को स्वीकार करें और फरार नियोक्ताओं की अनुमति के बिना भी आवश्यक कार्रवाई के लिए उन पर कार्रवाई करें।

इस स्थिति में ईपीएफओ को ऐसे पेंशनभोगियों के साथ न्याय करते हुए कोई रास्ता निकालने की आवश्यकता है। श्रम मंत्री को इस संबंध में तत्काल हस्तक्षेप करने की आवश्यकता है।

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