अनस्किल्ड वर्कर चला रहा था क्रेन। हुक में सेफ्टी लैच तक नहीं; 19 अगस्त के हादसे के बाद विभाग ने सभी EOT और हाइड्रा क्रेन पर लगाई रोक।
- जांच के बाद विभाग ने कारखाने में स्थापित सभी EOT क्रेन और हाइड्रा क्रेन का संचालन तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। हथखोज स्थित मेसर्स स्टील इंफा सॉल्यूशन कंपनी लिमिटेड में 19 अगस्त 2026 को हुए प्राणांतक हादसे के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की प्राथमिक जांच में कंपनी प्रबंधन की ओर से गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आई हैं। हादसे में सीएनसी हेल्पर राजेश कुमार निर्मलकर (40 वर्ष) की मृत्यु हुई थी। जांच के बाद विभाग ने कारखाने में स्थापित सभी EOT क्रेन और हाइड्रा क्रेन का संचालन तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं।
हादसे के अगले दिन 20 अगस्त को सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, दुर्ग के साथ विभागीय अधिकारियों ने कारखाने पहुंचकर दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान कारखाना प्रबंधन के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। प्राथमिक जांच में क्रेन के संचालन से लेकर उसके रखरखाव, प्रशिक्षण और सुरक्षा व्यवस्था तक में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आईं।
अनस्किल्ड वर्कर चला रहा था क्रेन
जांच में सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया कि क्रेन का संचालन सक्षम और अधिकृत व्यक्ति से कराने के बजाय अनस्किल्ड वर्कर से कराया जा रहा था। क्रेन संचालन, रखरखाव, पर्यवेक्षण और प्रशिक्षण के लिए निर्धारित सुरक्षा नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था।
जांच अधिकारियों ने पाया कि आई-बीम, क्रेन की चेन और अन्य संबंधित उपकरणों का उचित रखरखाव तथा नियमित निरीक्षण नहीं किया गया था। इतना ही नहीं, क्रेन की चेन में लगे हुक में आवश्यक सेफ्टी लैच/सेफ्टी कैच भी उपलब्ध नहीं था। इससे भार के अनियंत्रित रूप से निकलने की गंभीर संभावना बनी हुई थी।
एक ही कंपनी में पहले भी हो चुका है प्राणांतक हादसा
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि 24 जनवरी 2026 को इसी कारखाने में EOT क्रेन के संचालन के दौरान एक अन्य प्राणांतक दुर्घटना हो चुकी थी। इस मामले में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की ओर से न्यायालय में अभियोजन भी प्रस्तुत किया गया था।
इसके बावजूद क्रेन के संचालन और रखरखाव में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाना विभाग ने गंभीर विषय माना है। इससे कंपनी में पूर्व हादसे के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं किए जाने पर सवाल खड़े हो गए हैं।
SOP से लेकर श्रमिक प्रशिक्षण तक में मिली खामियां
विभागीय जांच में क्रेन संचालन के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP), श्रमिकों के प्रशिक्षण, पर्यवेक्षण, नियमित निरीक्षण और सुरक्षा उपकरणों की जांच-परीक्षण व्यवस्था में भी कमियां पाई गईं।
इन खामियों को देखते हुए उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा एवं कारखाना निरीक्षक से प्राप्त जानकारी के आधार पर व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता, 2020 की धारा 38(1)(क) में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग किया गया है।
सुधारात्मक उपाय और दस्तावेज तत्काल मांगे
विभाग ने कंपनी प्रबंधन को निर्देश दिया है कि सभी EOT और हाइड्रा क्रेनों के सुरक्षित परिचालन के लिए जांच में सामने आई अनियमितताओं को दूर करते हुए तकनीकी एवं पर्याप्त सुधारात्मक उपाय किए जाएं। इन उपायों से संबंधित जानकारी और अनिवार्य दस्तावेज तत्काल विभागीय कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा गया है।
वहीं, क्रेन संचालन पर प्रतिबंध की अवधि में कारखाने में नियोजित सभी श्रमिकों को देय वेतन एवं अन्य भत्तों का निर्धारित तिथि पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी प्रबंधन को दिए गए हैं।
लगातार दो प्राणांतक हादसों और क्रेन सुरक्षा व्यवस्था में मिली गंभीर खामियों के बाद विभाग की कार्रवाई ने हथखोज औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
