यदि कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं नहीं रुकीं तो सीटू कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को साथ लेकर व्यापक आंदोलन करेगा।
- सीटू ने प्रबंधन से मांग की कि दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई तथा आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर दर्ज कराई जाए।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। टाउनशिप में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों के साथ कुछ स्थानीय व्यक्तियों द्वारा लगातार फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने तथा कार्यालय में पहुंचकर दबाव बनाने की घटनाओं पर सीटू पदाधिकारियों एवं टाउनशिप इलेक्ट्रिकल के कर्मचारियों ने कड़ी आपत्ति जताई है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करते हैं, लेकिन किसी भी व्यक्ति द्वारा दबाव, धमकी अथवा अपमानजनक व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जाएगा। शिकायतों के निराकरण के लिए निर्धारित व्यवस्थागत प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
चार्जमैन के साथ घटना और वीडियो वायरल करने पर विरोध
क्टर-6 मेंटेनेंस/इंक्वायरी ऑफिस में कार्यरत चार्जमैन एवं कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार, वीडियो बनाने तथा उसे वायरल किए जाने की घटना को सीटू ने गंभीर विषय बताया। कर्मचारियों ने प्रबंधन के समक्ष कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से वे स्वयं और उनके परिवारजन मानसिक रूप से प्रभावित हुए हैं। कार्यस्थल पर वीडियो बनाकर कर्मचारियों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने की प्रवृत्ति पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर प्रबंधन द्वारा कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात भी कही गई है।
ओवरलोड, बिजली व्यवस्था और मैनपावर की कमी का समाधान जरूरी
पिछले दिनों पूजा के दौरान बढ़े विद्युत भार के कारण टाउनशिप के कई सेक्टरों में बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित हुई तथा कुछ स्थानों पर ट्रांसफार्मर जलने की घटनाएं सामने आईं। कर्मचारियों के अनुसार मैनपावर की कमी के कारण कई स्थानों पर समय पर पहुंचकर शिकायतों का निराकरण करना भी कठिन हुआ। ऐसी परिस्थितियों में कर्मचारियों को दोषी ठहराने के बजाय पर्याप्त मैनपावर, संसाधन और सुरक्षित कार्य व्यवस्था उपलब्ध कराना प्रबंधन की जिम्मेदारी है।
चुनावी माहौल में स्वीकार नहीं करेंगे दबाव की राजनीति, परिवारों के साथ आंदोलन की चेतावनी
आगामी नगर निगम चुनावों को देखते हुए कुछ लोग स्वयं को प्रभावशाली दिखाने के लिए कर्मचारियों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं, ऐसी शिकायतें कर्मचारियों ने प्रबंधन के समक्ष रखी हैं। सीटू ने स्पष्ट किया कि चुनावी माहौल का उपयोग सरकारी/संयंत्र कर्मचारियों पर दबाव बनाने या कार्य में हस्तक्षेप के लिए नहीं होना चाहिए।
यदि कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं नहीं रुकीं तो सीटू कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को साथ लेकर व्यापक आंदोलन करेगा। इसकी जिम्मेदारी उन लोगों की होगी जो अनावश्यक रूप से कर्मचारियों को दबाव में लेने का प्रयास कर रहे हैं। सीटू ने प्रबंधन से मांग की कि दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई तथा आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर दर्ज कराई जाए।
