पेपर लीक, सीबीएसई पेपर चेकिंग घोटाला, भर्ती घोटाले, बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा के सांप्रदायीकरण पर गुस्सा भड़का।
- छात्रों की आवाज़ दबाने से सच नहीं दबेगा, सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी लोकतंत्र पर हमला।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। संयुक्त वामपंथी जनवादी मोर्चा ने कहा कि जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार, पेपर लीक और युवाओं के भविष्य की रक्षा की मांग को लेकर शांतिपूर्ण अनशन कर रहे शिक्षाविद एवं जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन हटाया जाना लोकतांत्रिक अधिकारों का घोर उल्लंघन है। सरकार जनता की आवाज़ सुनने के बजाय दमन का रास्ता अपना रही है। गिरफ्तारी यह साबित करती है कि केंद्र सरकार छात्रों और युवाओं के न्यायपूर्ण आंदोलन से भयभीत है।
धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही से बच रही है सरकार
संयुक्त वामपंथी जनवादी मोर्चा ने कहा कि देशभर में नीट सहित अनेक प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, सीबीएसई पेपर चेकिंग घोटाला और भर्ती घोटालों ने करोड़ों छात्रों का भविष्य संकट में डाल दिया है। इसके बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद पर बनाए रखना सरकार की विफलता और गैर-जवाबदेही का प्रमाण है। शिक्षा मंत्री का इस्तीफा अब केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि नैतिक आवश्यकता बन चुका है। सरकार दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रही है।
शिक्षा नहीं, निजीकरण और मुनाफाखोरी की नीति
वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शिक्षा के सार्वजनिक चरित्र को कमजोर कर उसे निजी कंपनियों और कोचिंग उद्योग के हवाले करने का रास्ता खोल रही है। शिक्षा का बढ़ता निजीकरण, केंद्रीकरण और व्यावसायीकरण गरीब, ग्रामीण तथा मेहनतकश परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा से दूर कर रहा है। शिक्षा को अधिकार के बजाय व्यापार में बदलने की नीति देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
19 जुलाई को सिविक सेंटर चौक में हुआ संयुक्त विरोध प्रदर्शन
इन छात्र-विरोधी नीतियों, पेपर लीक, बेरोजगारी और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमलों के खिलाफ 19 जुलाई को शाम 6:00 बजे से 7:00 बजे तक भिलाई में संयुक्त वाम मोर्चा द्वारा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन, एटक, एक्टू, एचएमएस, लोइमो, स्टील वर्कर्स यूनियन, छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा कार्यकर्ता समिति, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया सहित अनेक जनसंगठनों के कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर केंद्र सरकार की छात्र-विरोधी और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट आवाज़ बुलंद की।
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो
संयुक्त मोर्चा ने कहा कि पेपर लीक, सीबीएसई पेपर चेकिंग घोटाला, भर्ती घोटाले, बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा के सांप्रदायीकरण ने देश के युवाओं में गहरा अविश्वास पैदा किया है। सरकार यदि वास्तव में युवाओं के भविष्य की चिंता करती है तो उसे राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, दोषियों को कठोर सजा, सभी परीक्षाओं में पारदर्शिता तथा समान और गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक शिक्षा की गारंटी सुनिश्चित करनी होगी। दमन और गिरफ्तारी से छात्रों का आंदोलन नहीं रुकेगा।
संघर्ष और तेज होगा
संयुक्त वामपंथी जनवादी मोर्चा ने स्पष्ट घोषणा की कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमले, शिक्षा के निजीकरण, पेपर लीक, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ संघर्ष लगातार जारी रहेगा। मोर्चा ने मांग की कि सोनम वांगचुक सहित सभी आंदोलनकारियों पर की गई दमनात्मक कार्रवाई वापस ली जाए, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 वापस ली जाए तथा शिक्षा व्यवस्था को सार्वजनिक, पारदर्शी, वैज्ञानिक और लोकतांत्रिक आधार पर पुनर्गठित किया जाए। देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा के लिए केंद्र सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए तुरंत ठोस कदम उठाने होंगे, अन्यथा छात्र, युवा, मजदूर, किसान और लोकतांत्रिक शक्तियां पूरे देश में संघर्ष को और व्यापक बनाएंगी।

