पुलिस के साथ भिलाई स्टील प्लांट की टीम ने देखा कोयला। बीएसपी का ही कोयला है, इस बात को सीधेतौर पर स्वीकार नहीं किया गया।
- सूचनाजी.कॉम ने 4 जून को “Bhilai Steel Plant: चोरी का कोयला बिकता है खुर्सीपार गेट के सामने दुकान पर, ट्रक संग माल जब्त…” शीर्षक से खबर प्रसारित किया था।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट के खुर्सीपार गेट के सामने से कोयला जब्त किया गया। चोरी का कोयला दुकान पर खरीदा जाता था। जहां से दुर्ग पुलिस ने 15 टन कोयला जब्त किया है। इस खबर को सबसे पहले सूचनाजी.कॉम ने 4 जून की शाम को “Bhilai Steel Plant: चोरी का कोयला बिकता है खुर्सीपार गेट के सामने दुकान पर, ट्रक संग माल जब्त, फंसा CISF” शीर्षक से प्रसारित किया था।
5 जून को भिलाई पुलिस ने तीन आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया और 15 टन कोयला जब्त किए जाने की जानकारी साझा की। किस तरह से दुकानदार फर्जी बिल आदि से काम करते थे, इसके बारे में विस्तार से बताया गया।
अब आपको सूचनाजी.कॉम एक और नई जानकारी दे रहा है। जिस कोयले को पुलिस ने जब्त किया है, उसकी जिम्मेदारी भिलाई स्टील प्लांट ने नहीं ली है।
बीएसपी ने स्पष्ट रूप से इन्कार तो नहीं किया है, लेकिन बीएसपी का ही कोयला है, इस बात को स्वीकार भी नहीं किया है। बीएसपी के अधिकारियों के साथ पुलिस मौके पर पहुंची और जब्त कोयले को दिखाया गया। कोयला देखते हुए बीएसपी अधिकारियों ने कहा-भिलाई स्टील प्लांट के कोक ओवन में कोयले से कोक बनता है।
दुर्ग व रायपुर में भी इस तरह के कोक की सप्लाई प्राइवेट एजेंसी करती है। ऐसे में जब्त कोक बीएसपी का ही है, यह स्वीकार कैसे किया जाए। वहीं, प्रबंधन का कहना है कि पुलिस चोरों से पूछताछ कर रही है। यह कोयला कहां से चोरी किया गया। किस प्वाइंट से चोरी का माल पार किया गया। अगर, यह बात सामने आ जाती है तो बीएसपी निश्चित रूप से एफआइआर कराएगा। फिलहाल, जब्त कोयले की जिम्मेदारी लेने के बाबत खुलकर कोई जवाब नहीं दिया गया है। इसी तरह पुलिस ने बीएसपी से लिखित में भी जवाब मांगा है। बीएसपी प्रबंधन की ओर से इसका जवाब भी दिया जाएगा।
आप भी जानिए पुलिस ने क्या-क्या बताया
- खुर्सीपार रेलवे फाटक के पास से पुलिस ने अवैध कोयला कारोबारी के यहां से 15.530 टन से अधिक कोयला जब्त किया।
- तीन आरोपियों विजय कुमार केसरवानी, राजकुमार मिश्रा और सुनील शर्मा को गिरफ्तार किया गया।
- गिरोह फर्जी जीएसटी बिल बनाकर चोरी के कोयले को वैध दिखाकर बेचता था।
- पुलिस को डिजिटल भुगतान, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले।

