पुणे नाबालिक रेप केस में आरोपी को सजा। मासूम से दरिंदगी के दोषी को फांसी, कोर्ट बोला-उम्रकैद भी कम, ऐसे अपराध की सजा सिर्फ मौत।
- अदालत ने 65 वर्षीय दोषी भीमराव को फांसी की सजा सुनाई।
सूचनाजी न्यूज, पुणे। नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के जघन्य मामले में पुणे की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है। घटना के करीब दो माह के भीतर आए इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। विशेष बात यह रही कि वारदात के महज 15 दिनों के भीतर पुलिस ने जांच पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी, जिससे मामले का त्वरित ट्रायल संभव हो सका। रेप के बाद 4 साल की बच्ची की हत्या कर दी गई थी।
सोमवार को फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि आरोपी ने मासूम बच्ची के साथ जिस तरह का अमानवीय कृत्य किया, उसके लिए उम्रकैद या फांसी जैसी कोई भी सजा पर्याप्त नहीं लगती। हालांकि भारतीय कानून के तहत ऐसे अपराध के लिए मृत्युदंड ही सबसे उपयुक्त दंड है।
अदालत ने 65 वर्षीय दोषी भीमराव को फांसी की सजा सुनाई। फैसला सुनते ही अदालत कक्ष में मौजूद पीड़ित परिवार की आंखें नम हो गईं। परिजनों ने कहा कि लंबे इंतजार के बाद उन्हें न्याय मिला है और अदालत के फैसले से उन्हें राहत महसूस हुई है।
इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई भी चर्चा का विषय रही। वारदात के मात्र 15 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी, जिसके कारण फास्ट ट्रैक कोर्ट ने प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई करते हुए करीब दो महीने में ही फैसला सुना दिया। जज ने आरोपी को कहा-अब आप फांसी पर लटकिए, आप इसी के हकदार हैं।

