Rourkela Steel Plant: इंटक गठबंधन साथी GMM को श्रम विभाग ने किया ज्वाइंट कमेटी से बाहर, मचा हड़कंप, सभी प्लांट को नसीहत

Rourkela Steel Plant INTUC won the Recognition Election Through an Alliance Now GMM is out of the Joint Committee
  • राउरकेला श्रमिक संघ में विवाद। जीएमएम को जॉइंट कमेटी से हटाया गया।

सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। ट्रेड यूनियन सियासत से बड़ी खबर है। गणबंधन करके यूनियन चुनाव लड़ने वालों के लिए बड़ा सबक राउरकेला से मिल गया है। इंटक ने जीएमएम से गठबंधन करके चुनाव लड़ा और मान्यता प्राप्त यूनियन का दर्जा हासिल किया।

अब केंद्रीय क्षेत्रीय श्रम आयुक्त रवि कांत रेड्डी के फैसले ने हड़कंप मचा दिया है। आरएसपी प्रबंधन को आदेश जारी किया गया है कि जीएमएम को कमेटियों से हटाया जाए। यूनियन चुनाव इंटक ने लड़ा और जीती, इसलिए गणबंधन के सदस्य को कैसे समितियों में शामिल किया जा सकता है।

बीएमएस के केंद्रीय पदाधिकारी व राउरकेला इस्पात कारखाना कर्मचारी संघ के महामंत्री हिमांशु शेखर बल ने पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत जानकारी मीडिया से साझा की। उन्होंने बातया राउरकेला इस्पात कारखाने में 15 नवंबर 2024 को यूनियन चुनाव हुआ था। इस चुनाव शिव जीएमएम और आरएसएस ने संयुक्त रूप से भाग लिया और राउरकेला श्रमिक संघ को जीत दिलाई।

चुनाव में आरएसएस को स्वीकृति मिलने के बाद, आरएसपी की विभिन्न युग्म समितियों में जीएमएम और आरएसएस के पदाधिकारी 60:40 के अनुपात में नियुक्त किए गए।

हालाँकि, चुनाव में प्रत्यक्ष भाग न लेने वाले जीएमएम के युग्म समिति में शामिल होने पर, रिक्स (बीएमएस) के महामंत्री हिमांशु बल ने केंद्रीय क्षेत्रीय श्रम आयोग और आर एसपी प्रबंधन से आपत्ति दर्ज कराई। 16 सितंबर 2025 को सुनवाई के बाद, केंद्रीय क्षेत्रीय श्रम आयुक्त रवि कांत रेड्डी ने आरएसपी प्रबंधन को जी एम एम को युग्म समिति से हटाने का निर्देश दिया।

निर्देश के आधार पर 20 सितंबर 2025 को आरएसपी प्रबंधन ने आरएसएस को पत्र लिखा। आरएसएस द्वारा रोकने के सभी प्रयास विफल होने के बाद, राउरकेला श्रमिक संघ ने जीएमएम को सभी युग्म समितियों से हटा दिया।

हिमांशु बल ने कहा-इस कदम से आरएसएस की झूठी प्रलोभन रणनीति फेल हो गई। जीएमएम ने चुनाव में सहयोग किया था, लेकिन अनैतिक हस्तक्षेप के कारण आरएसएस ने शर्म महसूस की। दोनों गठबंधनों की वैधता समाप्त होने के बाद एनजेसीएस की स्थिति उसी तरह बनी रही, जैसी अक्टूबर 2021 में थी।

चुनाव जीतने के बाद जनवरी 2025 में एमओए के तहत 39 महीने की एरियर भुगतान की शपथ के बावजूद श्रमिक ठगा महसूस कर रहे हैं। अंतिम चरण का रिवार्ड बोनस अभी तक लागू नहीं हुआ।

आईजीएच में 5 रुपये से 70 रुपये तक 14 गुना वृद्धि, स्कूल शुल्क में 50 रुपये से 2000 रुपये तक 40 गुना बढ़ोतरी, और वैकेशनल ट्रेनिंग में 1180 रुपये मासिक लेने जैसी घोषणाएं अनसुलझी हैं।

राउरकेला श्रमिक संघ के महासचिव प्रशांत बेहेरा ने भी स्वयं अपने क्वार्टर को अपने नाम नहीं करा पाए, जबकि श्रमिकों को आश्वासन दिया गया था। इस अनैतिक गठबंधन के खिलाफ 17 फ़रवरी को कार्रवाई हुई और सत्य की जीत हुई।

इस पत्रकार सम्मेलन में हिमांशु बल, राजेंद्र नाथ महांत, समिता मिश्रा, रिताराणी स्वाइँ, रंजीता जेना, प्रदोष पंडा, सुरेंद्र कंसारी, बेनेडिक तिर्की, उमाकांत सामल, संजीव पति, ललित जेना, अमरभूयां, त्रिलोच नानायक, जनकर सेठी, विकास प्रधान, जय प्रकाश स्वाइँ आदि मौजूद रहे।