आरएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ: स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल और सरकार को नोटिस का जवाब चार सप्ताह के भीतर देना है।
- प्रबंधन और एनजेसीएस यूनियन प्रतिनिधियों की जुगलबंदी ने सेल कर्मचारियों का शोषण के स्तर को और बढ़ा दिया है।
- सेल बोनस (एएसपीएलआईएस) मामला। कैट दिल्ली ने सेल प्रबंधन तथा सरकार को नोटिस जारी किया।
सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। सेल बोनस को लेकर कानूनी लड़ाई जारी है। राउरकेला स्टील प्लांट की यूनियन आरएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने बोनस फॉर्मूले को गलत करार देते हुए कैट में याचिका दायर की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल और सरकार को नोटिस जारी किया गया है। अगली तारीख पर सुनवाई होगी।
यूनियन के अध्यक्ष सुधीर श्रीवास्तव का कहना है कि गलत तथा बहुमत आधारित एएसपीएलआईएस फॉर्मूला लागू करने और प्रत्येक वर्ष एकतरफा तरीके से कर्मियों के खाते में बोनस राशि भेजने के विरुद्ध कैट दिल्ली में मुकदमा दायर किया है। सोमवार 25 मई को हुई सुनवाई के बाद कैट ने सेल प्रबंधन, एनजेसीएस कंवीनर, इस्पात सचिव तथा श्रम सचिव को नोटिस भेजकर 4 सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
आरएकेएस यूनियन के अध्यक्ष सुधीर कुमार श्रीवास्तव के अनुसार सेल प्रबंधन सेल कर्मचारियों के शोषण के लिए नित्य नए नए हथकंडे अपना रही है। सेल चेयरमैन तथा निदेशक कार्मिक खुद अपने लिए पीबीटी का 5 प्रतिशत पीआरपी के रुप में लेते हैं, तो कर्मचारियों को अत्यंत जटिल तथा गलत फॉर्मूला के आधार पर 25-30000 रुपया कर्मचारियों के खाते में भेज दिया जाता है।
एनजेसीएस संविधान में लिखित है कि बहुमत के आधार पर कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा तथा सभी समझौते आपसी सहमति के आधार पर ही किए जाएंगे, लेकिन दूसरी तरफ सेल प्रबंधन द्वारा सभी समझौते बाहरी तथा गैर निर्वाचित यूनियन नेताओं को साथ लेकर बहुमत आधार पर लागू किए जा रहे है।
बोनस फॉर्मूला को न तो सीधे उत्पादन से लिंक किया गया है तथा न ही मुनाफे से ही लिंक किया गया है। वहीं, सेल के अधिशासी निदेशक लिखित रुप में खुद स्वीकार कर रहे है कि बोनस फॉर्मूला बहुमत आधारित लागू किया गया है, तो निदेशक कार्मिक भी एनजेसीएस मिनट्स के माध्यम से स्वीकार कर रहे है कि उपरोक्त बोनस फॉर्मूला किसी भी यूनियन को मंजूर नहीं है।
फिर भी सेल मैनेजमेंट उसी फॉर्मूला के आधार पर प्रत्येक वर्ष एकतरफा तरीके से कर्मियों के बैंक खाते में बोनस राशि भेज दे रही है। यूनियन ने अपनी याचिका में मांग किया है कि वर्तमान बोनस फॉर्मूला को रद्द कर कर्मचारियों के लिए भी पीआरपी फॉर्मूला लागू किया जाए। पीआरपी बोनस फॉर्मूला को वर्ष 2021 से प्रभावी कर पिछले सभी वर्षों का एरियर का भी भुगतान किया जाए।
एएसपीएलआईएस फॉमूला में भारतीय मजदूर संघ-बीएमएस, इंटक, हिंद मजदूर सभा-एचएमएस ने साइन किया है, जबकि हस्ताक्षर नहीं करने वाली यूनियन एटक और सीटू है।
सेल कर्मचारियों के शोषण का स्तर बढ़ा
आरएकेएस राउरकेला अध्यक्ष सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने कहा-प्रबंधन और एनजेसीएस यूनियन प्रतिनिधियों की जुगलबंदी ने सेल कर्मचारियों का शोषण के स्तर को और बढ़ा दिया है। हस्ताक्षर करने वाली तथा हस्ताक्षर नहीं करने वाली सभी यूनियने गंभीर चुप्पी धारण कर मैनेजमेंट के मनोबल को बढ़ा रही हैं। अब न्यायालय पर ही भरोसा है।

