- 01 जनवरी 2027 से लागू होने वाले नए वेतन समझौते की प्रक्रिया समय पर प्रारंभ होने को लेकर भी सवाल।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील इम्प्लाइज यूनियन (इंटक) के महासचिव संजय कुमार साहू के नेतृत्व में यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने 39 महीने के एरियर का भुगतान एवं लंबित वेतन समझौते को शीघ्र पूर्ण कराने की मांग को लेकर सेल चेयरमैन के नाम ज्ञापन वरिष्ठ प्रबंधक औद्योगिक संबंध प्रियंका मीणा को सौंपा।
महासचिव संजय कुमार साहू ने कहा कि 01 जनवरी 2017 से प्रारंभ हुई वेतन समझौते की प्रक्रिया को लगभग 9 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि सेल के कर्मवीरों और प्रबंधन के संयुक्त प्रयासों से कंपनी लगातार नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रही है तथा उत्पादन और उत्पादकता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि अगला वेतन समझौता 01 जनवरी 2027 से लागू होना प्रस्तावित है। वर्तमान में कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन समझौते की अवधि 10-10 वर्ष होने के कारण दोनों लगभग समान अवधि में आ गए हैं। इसलिए भविष्य में होने वाले वेतन समझौते में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अधिकारियों और कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ समान और न्यायसंगत रूप से प्रदान किया जाए।
यूनियन ने मांग की है कि एनजेसीएस की पूर्ण बैठक शीघ्र आहूत की जाए और 01 जनवरी 2017 से लंबित वेतन समझौते को जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए, ताकि 01 जनवरी 2027 से लागू होने वाले नए वेतन समझौते की प्रक्रिया समय पर प्रारंभ हो सके।
महासचिव ने बताया कि वर्ष 2017 से अब तक सेल को लगभग 40,000 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है।
वर्षवार लाभ/हानि इस प्रकार है—
2017-18 : 708 करोड़ रुपये का घाटा
2018-19 : 3,743 करोड़ रुपये लाभ
2019-20 : 3,757 करोड़ रुपये लाभ
2020-21 : 6,821 करोड़ रुपये लाभ
2021-22 : 16,392 करोड़ रुपये लाभ
2022-23 : 2,379 करोड़ रुपये लाभ
2023-24 : 4,529 करोड़ रुपये लाभ
2024-25 : 2,371 करोड़ रुपये लाभ
उन्होंने कहा कि कंपनी को लगातार लाभ होने के बावजूद यदि कर्मचारियों का वेतन समझौता लंबित रखा जाता है तो इससे कर्मवीरों का मनोबल प्रभावित होता है। स्टील इम्प्लाइज यूनियन (इंटक) ने मांग की है कि वेतन समझौते को जल्द पूरा किया जाए, अन्यथा यूनियन चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रतिनिधिमंडल में पूरन वर्मा, जी.आर. सुमन, सच्चिदानंद पांडे, गिरिराज देशमुख, विश्वनाथ साहू, सुरेश श्याम कुवर, जी.के. सूर्यवंशी, शिव शंकर सिंह, रेशम राठौर, रमन मूर्ति, सी.पी. वर्मा, गुरुदेव साहू, ताम्रध्वज सिन्हा, दीनानाथ सिंह सार्वा, विजय कुमार विश्वकर्मा, डी.पी. खरे, राजकुमार नायर, मनोज कुलदीप एवं शैलेंद्र कुमार सक्सेना उपस्थित थे।



















