SAIL News: 20,000 करोड़ का कर्ज घटाने का तोहफा CMD की कुर्सी, पढ़ें डॉ. एके पंडा की RSP, BSP, दिल्ली तक की कुंडली

SAIL News CMD Chair a Gift for Reducing Debt by Rs 20000 Crore, Read Dr AK Panda Horoscope for RSP BSP Delhi
  • डॉ. अशोक कुमार पंडा ने SAIL की कई संयुक्त उद्यम और सहायक कंपनियों के बोर्ड में नामित निदेशक के रूप में भी कार्य किया है।
  •  अमरेंदु प्रकाश के इस्तीफे के बाद 2 अप्रैल से पद रिक्त हो रहा है।

अज़मत अली, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के सीएमडी अमरेंदु प्रकाश की जगह डाक्टर अशोक कुमार पंडा लेंगे। बतौर सीएमडी उनका चयन हो चुका है। साल 2029 तक कार्यकाल होगा। अमरेंदु प्रकाश के इस्तीफे के बाद 2 अप्रैल से पद रिक्त हो रहा है।

कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही नए सीएमडी कार्यभार संभालेंगे। लेकिन, यह कार्यकाल कांटो भरा होने वाला है। सेल का अर्थतंत्र संवारने और फंड जुटाने के लिए हर तरह के कठोर फैसले लिए जाएंगे। इस्पात मंत्रालय के आदेश पर बगैर किसी विवाद अमल करना, कर्मचारियों और अधिकारियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना, सुविधाओं को बंद करने के बजाय बहाल रखना भी एक चुनौती होगी।

हर किसी के ज़ेहन में यही सवाल है कि आखिर डाक्टर अशोक कुमार पंडा का ही चयन क्यों किया गया? सेल मामलों के जानकार बताते हैं कि एके पंडा की दावेदारी काफी मजबूती से रही। हर स्तर पर अपने पक्ष में माहौल बनाने में सफल रहे। सबसे बड़ा दांव 20 हजार करोड़ का बताया जा रहा है।

सेल के कर्ज को घटाने में जिस तरह से अशोक पंडा ने काम किया, वह काबिल-ए-तारीफ है। ऋण में ₹20,000 करोड़ की कमी लाने के लिए जितने भी प्रयास किए गए, उसके बल पर उधारी में कटौती होती गई। ब्याज का अतिरिक्त भार कम होता गया। इसी तरह के अन्य दरवाजे खोलने की दिशा में अशोक पंडा ने काम करने का दम भरा है। SAIL के बिजनेस और प्रॉफिट बढ़ाने के लिए कई खास प्लानिंग कर रखी है।

सेल की सेवा से 17 अगस्त 1992 में जुड़े

सेल के नए सीएमडी अशोक कुमार पंडा का सफर 17 अगस्त 1992 में सेल से शुरू हुआ। राउरकेला स्टील प्लांट के सीईओ सचिवालय में कार्यरत रहे। कारपोरेट आफिस में लंबे समय तक कार्य का अनुभव है। साल 2021 में दिल्ली कारपोरेट आफिस से भिलाई स्टील प्लांट के सीजीएम फाइनेंस बनकर आए। यहीं प्रमोशन मिला और 15 जून 2022 को ईडी फाइनेंस बने। इसके बाद अप्रैल 2025 में सेल के डायरेक्टर फाइनेंस बनें। इनका रिटायरमेंट 31 दिसंबर 2029 में है।

राउरकेला स्टील प्लांट के सीईओ के टीए से सीएमडी तक

राउरकेला स्टील प्लांट से सफर शुरू हुआ। इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के रूप में आए। आरएसपी के सीईओ रहे जीएस प्रसाद समेत कई सीईओ के टीए भी अशोक पंडा रह चुके हैं। भिलाई स्टील प्लांट के सीजीएम और ईडी फाइनेंस रहते हुए अपनी लाइफ स्टाइल को प्रभावित नहीं होने दिया था। हर रोज शाम 7 से 9 बजे के बीच आफिस में अगले दिन की तैयारी और प्लानिंग करते थे। यहां से निकलने के बाद भिलाई क्लब में बैडमिंटन खेलने जाते थे। अच्छे खिलाड़ी भी हैं।

तीन दशकों से अधिक का अनुभव

डॉ. अशोक कुमार पंडा क अनुभवी वित्त विशेषज्ञ हैं, जिन्हें स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के विभिन्न संयंत्रों और इकाइयों में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। उन्हें वित्त के लगभग सभी क्षेत्रों का व्यापक अनुभव है जैसे कि वित्तीय लेखांकन, लागत एवं बजट, वार्षिक व्यावसायिक योजना, परियोजना वाणिज्यिक गतिविधियाँ, कोषागार संचालन, सेवानिवृत्ति ट्रस्ट, कराधान और रणनीतिक प्रबंधन। उन्हें उनके गहन डोमेन ज्ञान, तकनीकी समझ और सक्रिय दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है।

बिजनेस फाइनेंस में पीएचडी

  • डॉ. पंडा ने अपने करियर की शुरुआत SAIL में प्रबंधन प्रशिक्षु के रूप में की थी, जब उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीई पूरा किया था। SAIL में कार्य करते हुए भी उन्होंने अपने ज्ञान को बढ़ाने की ललक बनाए रखी और देश के प्रमुख बिजनेस स्कूलों में से एक, XIM भुवनेश्वर से वित्त में विशेषज्ञता के साथ पूर्णकालिक पीजीडीएम किया।
  • इसके बाद उन्होंने बिजनेस फाइनेंस में पीएच.डी. की उपाधि भी प्राप्त की।
  • SAIL जैसे तकनीक-प्रधान संगठन में, डॉ. पंडा की पृष्ठभूमि, अनुभव, तत्परता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के चलते उन्होंने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उनके योगदान वाले प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:
  • ऋण में ₹20,000 करोड़ की कमी लाने हेतु डीलिवरेजिंग प्रयासों के माध्यम से उधारी में कटौती।
  • लागत कटौती की पहल, जिसमें संयंत्र-स्तर पर तकनीकी कारणों की पहचान और कार्य योजना बनाकर अक्षमताओं को दूर करना शामिल है।
  • भारतीय रेल को आपूर्ति किए गए रेलों की उचित कीमत निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका।
  • SAIL में स्थायी परिसंपत्तियों की बिक्री की लेखा नीति में संशोधन, जिससे लाभप्रदता में सुधार हुआ।
  • नई कर व्यवस्था में परिवर्तन की पहल, जिससे स्थायी बचत सुनिश्चित हुई।
  • SAIL की इकाइयों में ई-इनवॉइसिंग की कार्यान्वयन प्रक्रिया में अग्रणी भूमिका।
  • SAIL में केंद्रीकृत वेतन प्रणाली को स्थिर करने में योगदान।

सकारात्मक सांस्कृतिक बदलाव भी लाए

अपने पूरे करियर के दौरान, डॉ. पंडा ने उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमताएं दिखाई हैं। वे न केवल स्वयं प्रेरित व्यक्ति हैं, बल्कि टीम को साथ लेकर चलने वाले व्यक्तित्व भी हैं। उन्होंने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी शांत चित्त से काम करने की क्षमता प्रदर्शित की है। उनकी विश्लेषणात्मक क्षमताएं उन्हें विभिन्न समस्याओं का अभिनव समाधान खोजने में मदद करती हैं। उन्होंने जहाँ-जहाँ काम किया है, वहाँ एक सकारात्मक सांस्कृतिक बदलाव लाने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डॉ. पंडा ने SAIL की कई संयुक्त उद्यम और सहायक कंपनियों के बोर्ड में नामित निदेशक के रूप में भी कार्य किया है।