एनर्जी कास्ट को कम करने की दिशा में तेजी से काम करने की जरूरत है।
एनसीओए के कार्यकारी अध्यक्ष, सेफी चेयरमैन व बीएसपी आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष की प्रतिक्रिया।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल में मैनपॉवर घटाने का अभियान छेड़ दिया गया है। इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक के आदेश पर कवायद भी शुरू कर दी गई है। नौकरी से निकालने की खबर पर स्टील एग्जीक्यूटिव फेडरेशन आफ इंडिया-सेफी का बयान भी सामने आ गया है।
एनसीओए के कार्यकारी अध्यक्ष, सेफी चेयरमैन व बीएसपी आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार बंछोर से सूचनाजी.कॉम ने प्रतिक्रिया ली। एनके बंछोर का कहना है कि इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक से मिलने का समय मांग लिया गया है। इस्पात मंत्री से भी मुलाकात की जाएगी। सेल के मौजूदा हालात पर चर्चा करेंगे।
मैनपॉवर कम करना अचीवमेंट नहीं है। इसका विकल्प क्या हो सकता है, इस दिशा में सबको मिलकर काम करना होगा। वीआर स्कीम की दरकार है। जो लोग परफॉर्मेंस नहीं कर पा रहे हैं, वे वीआर के जरिए खुद-ब-खुद अलग हो जाएंगे। लेकिन, किसी को जबरन कंपनी से बाहर निकालना ठीक नहीं है। नौकरी से निकाला उचित नहीं है। वर्तमान मैनपॉवर को अच्छे से यूज करने की जरूरत है। जहां मैनपॉवर कम है, वहां शिफ्ट करके नौकरी बचाई जा सकती है। जॉब देने वाली कंपनी अब जॉब से बाहर करने लगेगी तो अच्छा मैसेज नहीं जाएगा।
एनके बंछोर बोले-आधुनिकीकरण और विस्तारीकरण परियोजना के बाद बीएसपी की क्षमता 10.5 एमटी होगी। इसके लिए भी मैनपॉवर की जरूरत होगी। वर्तमान में तेजी से मैनपॉवर रिटायरमेंट से घट रहे हैं। ऐसे में अभी अगर, कुशल मैनपॉवर को हटा दिया जाएगा तो आने वाले समय में एक्सपर्ट की भारी कमी होगी।
प्राइवेट कंपनियों के परफार्मेंस पर नरेंद्र कुमार बंछोर ने कहा-प्रोजेक्ट को समय पर करने में प्राइवेट कंपनियों को महारत हैं। इस मामले में सेल क्यों पीछे रहे। सरकार और सेल का पैसा लगता है। इसकी सही से मानीटरिंग जरूरी है। पिछले प्रोजेक्ट की देरी से पे-रिवीजन प्रभावित हुआ। अधिकारी-कर्मचारी सब प्रभावित हुए।
सेफी चेयरमैन ने कहा-तमाम बिंदुओ पर बात करने के लिए स्टील सेक्रेटरी से समय मांगा गया है। इस्पात मंत्री से पिछले दिनों मिल चुके हैं। अब अलग से मैनपॉवर विषय पर भी चर्चा की जाएगी। सेफी वीआर स्कीम का समर्थन करता है। कुछ लोग रिटायरमेंट मूड में होते हैं। उनके लिए ये स्कीम सही है। वीआर के जरिए ही कुछ मैनपॉवर कम हो सकता है। जबरिया निकालना गलत है।
वहीं, प्रोडक्शन कास्ट कम करने के लिए दूसरे माध्यम पर काम करने की बात बीएसपी ओए अध्यक्ष ने कही। प्राइवेट सेक्टर में कैसे मॉडिफिकेशन हो रहा। प्रोसेस में क्या जोड़ रहे हैं। कास्ट ऑफ प्रोडक्शन कैसे कम किया है आदि विषय पर काम किया जाए। स्टील मार्केट की प्रतिस्पर्धी में रहना है तो सबको मिलकर कंपनी हित में फैसला लेना होगा। सेल से ही बहुत से अधिकारी जेएसडब्लयू, मित्तल में गए, वहां उनका बेहतर परफॉर्मेंस रहा। यहां क्यों नहीं है, यह समझने की जरूरत है।












