Sector 1-9 Hospital: कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, कैंसर विभाग का निजीकरण, पर कर्मचारियों-अधिकारियों, घरवालों का इलाज होगा फ्री

Sector 1-9 Hospital Cardiology, Nephrology, and Cancer Departments will be Private, but Treatment for Employees, Officers, and Family Members will be Free
  • कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और ऑन्कोलॉजी सेवाओं को प्राइवेट हाथों में दिया जा रहा है।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) प्रबंधन ने सेक्टर-9 स्थित जवाहरलाल नेहरू हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर (JLNH&RC) और सेक्टर-1 अस्पताल को लेकर अब स्थिति को स्पष्ट कर दिया है। कर्मचारियों-अधिकारियों, पूर्व कर्मचारियों-अधिकारियों और उनके परिवारजनों को बड़ी राहत दी है। कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और ऑन्कोलॉजी सेवाओं को प्राइवेट हाथों में दिया जा रहा है। लेकिन यह कार्मिकों के लिए पूरी तरह से फ्री रहेगी। जैसा की नौकरी ज्वाइंनिंग के समय तय हुआ है।

अस्पताल संचालन से जुड़े प्रस्तावित ईओआई (Expression of Interest) में यह स्पष्ट किया गया है कि बीएसपी कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके आश्रितों को मिलने वाली निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं यथावत जारी रहेंगी।

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बीएसपी द्वारा जारी ईओआई के तहत कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और ऑन्कोलॉजी सेवाओं के संचालन के लिए अनुभवी और सक्षम संस्थाओं से रुचि आमंत्रित की गई है। 15 जनवरी तक आवेदन करने को कहा गया है। यह ईओआई केवल संभावित संस्थाओं की क्षमता और रुचि के आकलन के लिए है, न कि तत्काल ठेका आवंटन के लिए।

सेक्टर 9 हॉस्पिटल के निजीकरण की खबर को लेकर विधायक देवेंद्र यादव 20 दिसंबर से लगातार पांच दिन तक उपवास पर बैठे थे। भिलाई बिकने नहीं देंगे मुहिम को लेकर भिलाई सत्याग्रह आंदोलन चल रहा है। विधायक का उपवास समाप्त कराने के लिए बीएसपी प्रबंधन ने भिलाई निवास में बैठक की थी।

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ईडी एचआर पवन कुमार ने आश्वत किया था कि कुछ विभागों की बेहतर सेवा के लिए निजी संस्था को बुलाया जा रहा है। इससे कर्मचारियों, अधिकारियों और परिवार वालों की सेवा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बिल्कुल फ्री सेवा मिलती रहेगी।  यही बात बीएसपी प्रबंधन की ओर से जारी टेंडर शर्तों में भी लिखी है।

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ईओआई में प्रमुख बातें

सेक्टर-9 और सेक्टर-1 अस्पताल परिसर में सेवाएं संचालित होंगी, जहां वर्तमान में संबंधित विभाग कार्यरत हैं।

चयनित संस्था को केवल विशेषज्ञ सेवाओं का संचालन सौंपा जाएगा, जबकि अस्पताल की मूल पहचान और सामाजिक दायित्व बने रहेंगे।

बोलीदाता संस्था के पास कम से कम 3 वर्ष का अनुभव, 250 बिस्तरों वाले अस्पताल का संचालन और न्यूनतम 50 करोड़ रुपये का वार्षिक टर्नओवर होना अनिवार्य है।

कंसोर्टियम की अनुमति नहीं दी गई है; एकल संस्था ही आवेदन कर सकेगी

इच्छुक संस्थाएं तीनों या किसी एक/दो सेवाओं के लिए ईओआई जमा कर सकती हैं।

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कर्मचारियों और आश्रितों को राहत

ईओआई दस्तावेज में यह बात रेखांकित की गई है कि बीएसपी कर्मचारियों, पूर्व कर्मचारियों और उनके परिवारजनों के लिए निःशुल्क उपचार व्यवस्था में कोई कटौती नहीं होगी। अस्पताल पहले की तरह सामाजिक और औद्योगिक स्वास्थ्य दायित्व निभाता रहेगा

अस्पताल की व्यापक भूमिका

JLNH&RC एक 860 बिस्तरों वाला मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल है, जिसमें सेक्टर-1 अस्पताल, माइंस हॉस्पिटल और कई हेल्थ सेंटर्स शामिल हैं। यह अस्पताल न केवल बीएसपी कर्मियों बल्कि दुर्ग-भिलाई क्षेत्र की आम जनता के लिए भी प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है।

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बीएसपी प्रबंधन का कहना है कि यह पहल विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में है, ताकि उन्नत उपचार स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सके, जबकि कर्मचारियों और उनके परिवारों के हित पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।