- लाइव डेमोंस्ट्रेशन के साथ हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल प्रशिक्षण कराया गया।
- आपात स्थिति की त्वरित पहचान, तुरंत मदद के लिए कॉल करना और लगातार छाती पर दबाव देने के महत्व को विस्तार से समझाया गया।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई स्टील प्लांट द्वारा संचालित जवाहरलाल नेहरू अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र सेक्टर 9 में जिंदगी बचाने का तरीका आम लोगों को सिखाया जा रहा है।
सोमवार को हैंड्स-ओनली सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण कार्यक्रम का चौथा सफल सत्र आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों में जनजागरूकता बढ़ाना और आपातकालीन स्थिति में जीवन बचाने के लिए आवश्यक कौशल विकसित करना रहा।
बहढ़ाएं ज्ञान-बचाएं जान CPR ट्रेनिंग कार्यक्रम किया जा रहा है। सामाजिक उत्तरदायित्व को निभाते हुए जवाहरलाल नेहरू अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र की टीम ने ओपीडी परिसर में जीवन रक्षक प्रणाली (सीपीआर) की ट्रेनिंग और आवश्यक जानकारी उपस्थित सभी लोगों से साझा की और उनके प्रश्नों के उत्तर देकर समाधान किया।
सभी लोगों ने जवाहरलाल नेहरू हॉस्पिटल की टीम कि इस पहल की सराहना की और कहा कि हम भी किसी आकस्मिक परिस्थिति में किसी की जान बचाने में अब सक्षम रहेंगे।
कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधिकारी (प्रभारी) डॉ. विनीता द्विवेदी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र ठाकुर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जबकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदय कुमार की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया। डाक्टर उदय ने खुद माइक थामा और इलाज के लिए पहुंचे लोगों को आमंत्रित किया। कोक ओवन, फाइनेंस समेत कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों ने जिंदगी बचाने का तरीका सीखा।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों को हैंड्स-ओनली सीपीआर की सही तकनीक की जानकारी दी गई। अचानक हृदय गति रुकने की स्थिति में चिकित्सकीय सहायता पहुंचने से पहले किस प्रकार प्रभावी प्रतिक्रिया दी जाए, इस पर विशेष जोर दिया गया।
लाइव डेमोंस्ट्रेशन के साथ हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल प्रशिक्षण कराया गया, जिसमें स्थिति की त्वरित पहचान, तुरंत मदद के लिए कॉल करना और लगातार छाती पर दबाव देने के महत्व को विस्तार से समझाया गया।
एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. तनुजा, डॉ. कुमुदनी, डॉ. निलेश और डॉ. प्रिया ने हैंड्स-ओनली सीपीआर का प्रदर्शन किया और प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर देकर उन्हें व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षित किया।
यह कार्यक्रम समुदायिक स्वास्थ्य, आपातकालीन तैयारी और निवारक स्वास्थ्य शिक्षा के प्रति जेएलएनएचआरसी की सतत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उल्लेखनीय है कि जेएलएनएचआरसी, भिलाई के ओपीडी परिसर में प्रत्येक माह के प्रथम कार्यदिवस को यह प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किया जाता है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस महत्वपूर्ण जीवनरक्षक तकनीक से प्रशिक्षित होकर एक सुरक्षित और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दे सकें।











