जेओ-2008-10 बैच के पे-अनामली, जेओ-2018 बैच के नोशनल सीनियारिटी पर गंभीर चर्चा। शीघ्र निराकरण का अनुरोध किया।
- सेफी के प्रतिनिधिमंडल ने सेल के नये सीएमडी डॉ. अशोक पंडा से की मुलाकात। सेल अधिकारियों से लंबित मुद्दों पर की चर्चा।
- सेफ़ी ने डीपीई दिशानिर्देशों के अनुसार 30 प्रतिशत सेवानिवृत्ति लाभों को लागू करने की मांग की।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील एक्जीक्यूटिव्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (सेफी) के चेयरमेन एनके बंछोर के नेतृत्व में वाइस चेयरमेन नरेंद्र सिंह और महासचिव संजय आर्य ने दिल्ली में सेल के नए सीएमडी डॉ. अशोक कुमार पंडा से मुलाकात कर उन्हें नई जिम्मेदारी संभालने एवं सेल के बेहतरीन परफार्मेंस के लिए बधाई व शुभकामनाएं दी। इसके साथ ही सेफी प्रतिनिधि मंडल ने सेल के अधिकारियों के विभिन्न लंबित मुद्दों पर सारगर्भित चर्चा की तथा सेल के उत्कृष्ट व सुरक्षित निष्पादन हेतु आवश्यक सुझाव प्रदान किए।
सेफी ने अपने इस महत्वपूर्ण दिल्ली दौरे में सेल के डायरेक्टर (पर्सनल), केके सिंह से सेल अधिकारियों तथा सेल के टाउनशिप को प्रभावित करने वाले विभिन्न समस्याओं पर चर्चा कर शीघ्र समाधान की अपील की। इस दौरान सेल के ईडी (एचआर) राजीव पाण्डेय जी से भी मुलाकात कर अधिकारियों के इन लंबित मुद्दों को शीघ्र हल करने का अनुरोध किया।
प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए प्रमुख बिंदु और मांगें निम्नलिखित हैं
पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ
सेफ़ी ने डीपीई दिशानिर्देशों के अनुसार 30 प्रतिशत सेवानिवृत्ति लाभों को लागू करने की मांग की। लाभ कमाने वाले वर्षों में भी पेंशन योगदान 9 प्रतिशत से कम होने पर चिंता जताते हुए, सेफ़ी ने बिना किसी वित्तीय उतार-चढ़ाव के ‘निश्चित योगदान’ (Defined Contribution) व्यवस्था को बहाल करने की मांग की। कोलयरी/सीएमपीएफ सदस्यों से जुड़े मुद्दों पर भी विचार किया जा रहा है।
पीआरपी के शीघ्र भुगतान की मांग
वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 2 प्रतिशत वृद्धिशील पीआरपी (Incremental PRP) की मांग दोहराई गई। साथ ही, सेफी के मांग पर सेल के सीएमडी डॉ. अशोक कुमार पंडा ने आश्वासन दिया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पीआरपी का भुगतान जल्द ही किया जाएगा।
मेडिक्लेम में सुधार की अपील
सेफी ने सेल मेडिक्लेम पालिसी में विभिन्न सुधारों हेतु कई सुझाव दिए। साथ ही ओपीडी/आईपीडी सीमाओं को बढ़ाने और कॉरपोरेट बफर में सुधार करने का अनुरोध किया। सेफी के इस अनुरोध पर सेल प्रबंधन ने आश्वस्त करते हुए कहा कि नई मेडिक्लेम योजना जल्द लाई जाएगी।
कॅरियर उन्नति और सीडीए नियम (एफआर 56-जे) – ई6 और ई7 स्तर के अधिकारियों के लिए पीईएसबी के अवसरों को मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। वहीं, सेल के सीडीए नियमों के नियम 4.0(3) जो एफआर 56-जे पर आधारित है, के उपयोग पर सेफ़ी ने रुख स्पष्ट किया कि इसका उपयोग स्थापित विभागीय जांच या सतर्कता जांच के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि केवल वास्तविक सार्वजनिक हित में विवेकपूर्ण तरीके से होना चाहिए।
आयकर और भत्ते
नरेन्द्र कुमार बंछोर ने बताया कि संशोधित आयकर प्रावधानों के साथ भत्तों को संरेखित करने वाले परिपत्र एक सप्ताह के भीतर जारी होने की उम्मीद है।
जेओ पे-अनामली एवं नोशनल सीनियारिटी पर चर्चा – सेफी ने जेओ-2008-10 बैच के पे-अनामली तथा जेओ-2018 बैच के नोशनल सीनियारिटी पर गंभीर चर्चा करते हुए इसके शीघ्र निराकरण का अनुरोध किया।
सेल के राजस्व बढ़ाने हेतु सुझाव
सेफी ने सेल के सभी संसाधनों का समुचित उपयोग बढ़ाने हेतु आवश्यक सुझाव प्रदान किया जिससे कि सेल की लाभप्रदता बढ़ाई जा सके। जिसमें धार्मिक संस्थाओं/शैक्षणिक संस्थाओं एवं अन्य प्रतिष्ठानों के लंबित लीज नवीनीकरण को एक समुचित व व्यवहारिक दर से करने का अनुरोध किया।
इसके अलावा सेल के अतिरिक्त संसाधनों जैसे – खाली पड़े मकानों तथा खाली पड़े जमीनों को लीज व लाइसेंस पर देने की अपनी मांग को दोहराया। साथ ही साथ लीज में दिए गए मकानों के अतिरिक्त निर्माण को न्यायोचित दर से नियमितीकरण करने का अनुरोध किया। इसके साथ ही माइंस में पड़े विभिन्न फाईंस के विक्रय में तेजी लाकर राजस्व बढ़ाने का सुझाव दिया।
सेल का शानदार वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य का संकल्प
सेफ़ी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान सेल के उत्साहजनक वित्तीय प्रदर्शन-बेहतर लाभप्रदता, उच्च राजस्व और कर्ज के बोझ में उल्लेखनीय कमी के लिए सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को बधाई दी। वर्तमान आर्थिक परिदृश्य को देखते हुए, सेफ़ी ने सभी कर्मचारियों से लागत में कमी, उत्पादकता में सुधार, बेहतर तकनीकी-आर्थिक प्रदर्शन और परिचालन दक्षता की दिशा में और अधिक प्रतिबद्धता के साथ काम करने का आह्वान किया है।
सेफ्टी फर्स्ट, लापरवाही की न हो कोई गुंजाइश
विभिन्न सेल इकाइयों में हाल ही में हुई घातक दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए, सेफ़ी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से सुरक्षा एसओपी, एसएमपी और परमिट प्रणालियों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है। संगठन ने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया जा सकता।
सेफी चेयरमेन एनके बंछोर ने टीम सेफ़ी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि सेफी, सेल अधिकारियों के अधिकारों, गरिमा और वैध हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उठाए गए सभी मुद्दों पर सरकार व प्रबंधन के साथ निरंतर संपर्क व संवाद बनाए रखेगी।

