- इंजीनियर्स डे पर बीएसपी डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मांग की थी। अब सेफी चेयरमैन ने पत्र सौंपा।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। कर्मचारी से अधिकारी बनने वालों के लिए बड़ी मांग की गई है। पात्रता में राहत और लिखित परीक्षा का वेटेज कम करने की मांग की गई है।
स्टील एग्जीक्यूटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया-सेफी के चेयरमैन नरेंद्र कुमार बंछोर ने सेल के डायरेक्टर पर्सनल केके सिंह से मिलकर जूनियर आफिसर पॉलिसी में बदलाव की मांग की है। पिछले दिनों इंजीनियर्स डे पर बीएसपी डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मांग की थी। इस पर अब सेफी चेयरमैन ने डीपी को मांग पत्र सौंप दिया है।
सेल में वर्तमान व्यावसायिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रत्येक संयंत्र में अधिकारियों की कमी महसूस की जा रही है। विशेष रूप से जूनियर लेवल में इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स की कमी है। सेल में कई इकाईयों में आधुनिकीकरण के बाद धीरे-धीरे आउट सोर्सिंग के माध्यम से कार्य हो रहे हैं। अतः इन कार्यों के बेहतर मॉनीटरिंग के लिए जूनियर लेवल पर सभी इकाइयों में अधिकारियों का होना अतिआवश्यक है।
वर्तमान परिदृश्य में सेल के विभिन्न इकाइयों में ग्रेजुएट इंजीनियर्स एवं अनुभवी डिप्लोमा इंजीनियर्स बड़ी संख्या में गैरकार्यपालक वर्ग में कार्यरत हैं। अतः इनके योग्यता व अनुभव का समुचित उपयोग किया जाना उचित होगा। जिससे अधिकारियों की कमी से जूझ रहे विभागों को बेहतर इंजीनियर्स/शिफ्ट इंचार्ज उपलब्ध हो पाएंगे।
इस हेतु वर्तमान में सेल में गैर-कार्यपालक से कार्यपालक पदोन्नति की पॉलिसी (जूनियर आफिसर्स प्रमोशन पॉलिसी) में आवश्यक संशोधन करके कंपनी में कार्यरत युवा इंजीनियरों/डिप्लोमाधारकों को चयनित कर उनकी क्षमताओं का समुचित उपयोग किया जा सकता है।
अनुरोध किया गया है कि उपरोक्त संशोधनों को आगामी (जूनियर आफिसर्स) प्रमोशन (जेओ 2026) में लागू कर कंपनी के शॉप फ्लोर प्रबंधन को सुदृढ़ करने की कृपा करें। इससे अधिकारियों की कमी का सामना कर रहे विभिन्न विभागों को आवश्यक राहत प्राप्त होगी।

अध्यक्ष राजेश शर्मा व महासचिव मोहम्मद रफी के अनुसार डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन भिलाई द्वारा सेफी सह ओए प्रेसिडेंट नरेंद्र बंछोर से डिप्लोमा इंजीनियर के करियर ग्रोथ हेतु मांग करता आया है। जिसे ध्यान में रखते हुए एनके बंछोर द्वारा इंजीनियर्स डे के अवसर पर यह बोला भी गया था कि वो इस ओर आवश्यक चर्चा करेंगे। अब सेफी द्वारा अधिकारी वर्ग की परीक्षा में आवश्यक सुधार करने मांग की गई है। डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन भिलाई की ओर से श्री बंछोर सर और टीम सेफी का इस अनुकरणीय पहल के लिए धन्यवाद।
इधर- SAIL अधिकारियों की पे एनॉमली पर ये पत्र
SEFI चेयरमैन ने एंट्री-लेवल पे एनॉमली के लंबे समय से रुके हुए मुद्दे को उठाया। जो 2007 से 2016 बैच के अधिकारियों को प्रभावित कर रहा है। यह मामला SAIL मैनेजमेंट के सामने एक दशक से ज़्यादा समय से बार-बार उठाया जा रहा है, लेकिन यह एनॉमली अभी भी अनसुलझी है।
2007 के पे रिवीजन के बाद SAIL में एंट्री स्केल दूसरे महारत्न CPSEs द्वारा अपनाए गए स्केल के साथ अलाइन नहीं था। इसका नतीजा यह हुआ कि 01.01.2007 के बाद जॉइन करने वाले मैनेजमेंट ट्रेनी के लिए गलत एंट्री पोजीशन बन गई। सर, DPE ने साफ तौर पर कहा था कि बदले हुए पे स्ट्रक्चर 01.01.2007 से लागू होंगे। यह भेदभाव इसलिए हो रहा है, क्योंकि शुरुआती 2007 का पे रिवीजन 01.01.2007 से लागू था।
E1, E2 और E3 स्केल में बाद में हुए बदलाव को 31.12.2016 से लागू करने से, 01.01.2007 और 31.12.2016 के बीच जॉइन करने वाले एग्जीक्यूटिव को दस साल की अवधि के लिए हायर स्केल और कॉन्सीक्वेंशियल पे फिक्सेशन/इंक्रीमेंट के फायदों से असल में वंचित कर दिया गया है।











