स्टील सेक्रेटरी के तल्ख अंदाज़ का असर हुआ। प्लांट स्तर पर हड़कंप मच गया। जनसंपर्क विभाग को दबी जुबान मैसेज दिया गया।
- प्रोडक्शन डाउन और फोटो-नाम से सुर्खियां बटोरने वालों की कुंडली तैयार की गई है।
सूचनाजी न्यूज, दिल्ली। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल पर सख्त नज़र इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक बनाए हुए हैं। मैनपॉवर कास्ट कम करने के लिए हर तरह का दांव खेल चुके हैं। 40 प्रतिशत तक मैनपॉवर घटाने का आदेश है। साथ ही अधिकारियों को भी अपने रडार पर ले लिया है।
प्रोडक्शन डाउन और फोटो-नाम से सुर्खियां बटोरने वालों की कुंडली तैयार की गई है। एक मीटिंग में इस्पात सचिव ने प्लांट के परफॉर्मेंस का पोस्टमार्टम किया। काफी तल्ख लहज़े को इस्तेमाल किए। प्रोडक्शन डाउन होने से नाराज सेक्रेटरी ने कहा-सिर्फ फोटो छपवाने से रिज़ल्ट अच्छा नहीं हो जाता। दो-टूक बोल दिए कि फोटो और नाम छपवाने से ही सबकुछ अच्छा चल रहा है क्या? मीडिया में सुर्खियां बटोर लेने से प्लांट का रिजल्ट नहीं बदल जाता है।
स्टील सेक्रेटरी के इस अंदाज़ का असर ये हुआ कि प्लांट स्तर पर हड़कंप मच गया। जनसंपर्क विभाग को दबी जुबान मैसेज दिया गया कि अब कोई भी फोटो और नाम कुछ समय के लिए जारी न किए जाएं। बिना नाम के लिए प्रेस विज्ञप्ति जारी की जाए। खास अधिकारियों को इस प्रचार अभियान से दूर रखा जा रहा है।
इसके जद में सेल के कौन-कौन से प्लांट आ रहे हैं या आने वाले हैं, इसकी तस्वीर खुद-ब-खुद साफ हो जाएगी। फिलहाल, इस्पात सचिव की सख्ती का असर प्लांट स्तर पर दिख रहा है। उच्चाधिकारी भी समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर इस्पात सचिव की सोच कहां तक जा रही है। सेल के प्लांट को लेकर क्या प्लानिंग है?
सेल कारपोरेट आफिस के अधिकारियों की मानें तो स्टील सेक्रेटरी कुछ बड़ा करने वाले हैं। बड़े परिवर्तन का जुनून सवार हो गया है। परफॉर्मेंस को आधार बनाया जा रहा है। यही वजह है कि खर्चे को कम करने की दिशा में हर तरफ से घेराबंदी की जा रही है।


