- सेफी ने सेल के उच्च प्रबंधन से अधिकारियों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर की चर्चा।
- स्टील एक्जीक्यूटिव फेडेरेशन आफ इंडिया-सेफी के पदाधिकारियों ने सेल के कार्यवाहक सीएमडी केके सिंह एवं निदेशक (वित्त) डॉ. अशोक पंडा से की चर्चा।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल के अधिकारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर स्टील एक्जीक्यूटिव फेडेरेशन आफ इंडिया-सेफी के पदाधिकारियों ने सेल के कार्यवाहक सीएमडी केके सिंह और निदेशक (वित्त) डॉ. अशोक पंडा से इस्पात भवन नई दिल्ली में की चर्चा। इसके अतिरिक्त ईडी (एचआर) कॉरपोरेट ऑफिस राजीव पांडेय से भी विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
सेफी चेयरमेन एवं ओए-बीएसपी अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार बंछोर के नेतृत्व में सेफी महासचिव संजय आर्या, आरएसपी-ओए के अध्यक्ष अबकाश बेहरा, बीएसपी-ओए के महासचिव अंकुर मिश्रा, सेफी नामिनी अखिलेश मिश्रा इन बैठकों में उपस्थित थे।
सेफी प्रतिनिधिमंडल ने सेल पेंशन स्कीम, सेल मेडिक्लेम स्कीम, यूनिफार्म एचआरए, संशोधित आयकर प्रावधानों के अनुरूप पर्क्स की सुविधा, सेल अस्पतालों में सुविधाओं में बढ़ोत्तरी, जेओ 2018 बैच का नोशनल पदोन्नति, जेओ प्रमोशन पॉलिसी में सुधार, पीईएसबी में सेल अधिकारियों की पात्रता में संशोधन शेडयूल-ए कंपनियों के लिए, समय पूर्व सेवानिवृत्ति का विरोध, इंक्रीमेंटल पीआरपी, सेल के कोलिरिस के अधिकारियों को सेल पेंशन की सुविधा (2007 से 2017 तक), टाउनशिप की सुविधाओं में विस्तार, लीजिंग व लाईसेंसिंग स्कीम के तहत टाउनशिप की सम्पदा का सही उपयोग, जेओ-2008 एवं जेओ-2010 बैच के वेतन विसंगतियों सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
सेल पेंशन स्कीम में संशोधन
सेफी ने सेल प्रबंधन से आग्रह किया कि डीपीई दिशा-निर्देशों के अनुसार सेल में 30 प्रतिशत सेवानिवृत्ति लाभ सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशानिर्देश जारी करें। जिससे डीपीई दिशानिर्देशों की सही भावना के अनुरूप मासिक आधार पर 9 प्रतिशत की दर से पेंशन का अंशदान हस्तांतरित किया जाए। इसके साथ ही एनपीएस में सेल द्वारा निधि हस्तांतरण की वास्तविक तिथि 01/01/2007 से है परंतु सेल ने यह राशि अत्यधिक विलंब से प्रदान की है।
अतः इस राशि पर सेल को प्रतिपूरक/उपार्जित ब्याज प्रदान किया जाना चाहिए। सेल पेंशन योजना को समय पर लागू नहीं किया गया और यह द्वितीय वेतन संशोधन के डीपीई दिशानिर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन था। चूंकि पेंशन कर्मचारी का अधिकार है, ताकि वह अपने स्वर्णिम वर्षों को संगठन को समर्पित करने के बाद सम्मानजनक जीवन जी सके।
सेल मेडिक्लेम स्कीम में संशोधन
सेफी ने सेल प्रबंधन से सेल मेडिक्लेम स्कीम में आईपीडी व ओपीडी सुविधा में आवश्यक वृद्धि के साथ-साथ कारपोरेट बफर में वृद्धि, कुछ चिकित्सा उपचारों में कैपिंग की सीमा बढ़ाने, उन्नत उपचार (जैसे रोबोटिक सर्जरी) को शामिल करने तथा मेडिक्लेम प्रीमियम को कम करने हेतु निवेदन किया।
संशोधित आयकर प्रावधानों के अनुरूप पर्क्स की सुविधा
सेफी पदाधिकारियों ने सेल प्रबंधन से आग्रह किया कि इन बदलावों से अधिकारियों को पर्क्स टैक्स में राहत का लाभ मिलेगा, सैलरी स्ट्रक्चर बेहतर होगा और कंपनी की वित्तीय जिम्मेदारी बढ़ाए बिना कार्मिकों को राहत दी जा सकेगी।
सेफी ने मील कूपन/वाउचर की सीमा में वृद्धि, चाइल्ड एजुकेशन और हॉस्टल एलाउंस की सीमा में वृद्धि, नॉन कैश गिफ्ट/वाउचर की सीमा में वृद्धि, दवाईयों के रिअम्बर्समेंट की सुविधा में संशोधन आदि पर चर्चा की।
जेओ बैचेस् की पदोन्नति
प्रतिनिधिमंडल ने निवेदन किया कि जेओ-2018 बैच को जून 2026 में ई-3 ग्रेड में पदोन्नति हेतु योग्य माना जाए। उनकी लंबी सेवा, व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता और व्यापक अनुभव को ध्यान में रखते हुए सेफी ने आग्रह किया कि जेओ बैचेस् को 6 माह के ट्रेनिंग अवधि का ई-1 से ई-2 पदोन्नति में जोड़ा जाए व 6 माह की नोशनल सीनियारिटी देते हुए सभी जेओ बैचेस् को कॉमन प्रमोशन साइकिल (जून) में पदोन्नत किया जाए।
सेल अस्पतालों को लेकर स्पष्टता की मांग
सेफी ने कहा कि सेल अस्पतालों के आउटसोर्सिंग से संबंधित किसी भी निर्णय से पहले सभी हितधारकों, मौजूदा कार्मिकों, पूर्व कार्मिकों एवं आश्रितों का ध्यान रखते हुए एसोसिएशन/यूनियन से व्यापक चर्चा आवश्यक है। सेफी चेयरमैन एनके बंछोर ने अनुरोध किया है कि मौजूदा अस्पताल कार्मिकों को मैनेजमेंट के उन फैसलों के बारे में जानकारी दी जाए, जो उनके कॅरियर की संभावनाओं पर असर डाल सकते हैं।
एक समान एचआरए
सेफी ने सेल में डीपीई दिशानिर्देशों के अनुरूप एक समान एचआर लागू करवाने हेतु अनुरोध किया
जेओ-2008 एवं 2010 बैच में वेतन विसंगति
सेफी पदाधिकारियों ने बताया कि कुछ वरिष्ठ अधिकारी (ई-4/ई-5) अपने जूनियर अधिकारियों से भी कम वेतन पा रहे हैं, जो गंभीर वेतन असमानता है। 1 जनवरी 2023 से प्रभावी इस विसंगति को दूर करने हेतु निदेशक कार्मिक से हस्तक्षेप की मांग की गई।
एमटीटी-2008 बैच को ई5 से ई6 प्रमोशन में प्राथमिकता
सेफी ने आग्रह किया है कि एमटीटी-2008 बैच के अधिकारियों के साथ हुई पदोन्नति देरी ध्यान में रखते हुए उन्हें जून 2026 की ई5 से ई6 प्रमोशन में प्राथमिकता दी जाए।
यह बैच अक्टूबर 2008 में ज्वाइन करने के कारण पदोन्नति चक्र एक वर्ष पिछड़ गया है, जिससे पिछले कई वर्षों में उनकी वरिष्ठता और कैरियर प्रगति प्रभावित हुई है। सेफी पदाधिकारियों ने यह भी उल्लेख किया है कि पूर्व में एमटीए-1993 बैच के मामले में इसी प्रकार की विसंगति को सेल प्रबंधन ने सुलझाया था।
जेओ प्रमोशन पॉलिसी में सुधार की जरूरत
एनके बंछोर ने अनुरोध किया कि जेओ प्रमोशन पालिसी में संशोधन अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में सेल के विभिन्न इकाइयों में ग्रेजुएट इंजीनियर्स एवं अनुभवी डिप्लोमा इंजीनियर्स बड़ी संख्या में गैर कार्यपालक वर्ग में कार्यरत हैं। अतः इनके योग्यता व अनुभव का समुचित उपयोग किया जाना उचित होगा। जिससे अधिकारियों की कमी से जूझ रहे विभागों को बेहतर इंजीनियर्स/शिफ्ट इंचार्ज उपलब्ध हो पाएंगे।
टाउनशिप की सुविधाओं में विस्तार
सेफी ने प्रबंधन से सेल के सभी टाउनशिप के सम्पदाओं का समुचित उपयोग करने का अनुरोध किया। टाउनशिप के खाली पड़े भूमि, भवनों तथा मकानों का लीजिंग व लाईसेंस के माध्यम से समुचित उपयोग करने का आग्रह किया ताकि अवैध कब्जों से इन राष्ट्रीय सम्पत्तियों को बचाया जा सके। लीजिंग व लाईसेंस के अवरोधों को शीघ्र निराकरण हेतु आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया। कार्मिकों को बेहतर आवास सुविधा उपलब्ध कराने हेतु नए सुविधायुक्त भवनों का निर्माण करने का आग्रह किया।












