- कर्मियों के वेज रिवीजन के बकाये 39 माह के एरियर पर चर्चा हेतु राष्ट्रीय संयुक्त समिति इस्पात उद्योग की कोर कमिटी बैठक हुई।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। मोदी सरकार के एफोर्डेबिलिटी क्लॉज का फैसला स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के कर्मचारियों और अधिकरियों के गले की फांस बन गया है। पार्टी विचारधारा की गांठ में उलछे बेचारे कर्मचारी चाह कर भी कुछ बोल नहीं पा रहे हैं। विचारधारा की माला जप रहे हैं। जबकि लाखों रुपए की चपत सरकार के फैसले से लगनी तय है।
इसी फैसले के आधार पर सेल प्रबंधन ने एनजेसीएस सब कमेटी मीटिंग में खुलकर बोल दिया है कि एफोर्डेबिलिटी क्लॉज की वजह से बकाया एरियर नहीं दिया जा सकता है। बता दें कि लगातार तीन साल तक घाटे में रहने पर यह क्लॉज लगता है, जिससे कर्मचारियों को लाभ से वंचित किया जाता है।
इधर-9 दिसम्बर को भारतीय इस्पात प्राधिकरण के कर्मियों के वेज रिवीजन के बकाये 39 माह के एरियर पर चर्चा हेतु राष्ट्रीय संयुक्त समिति इस्पात उद्योग की कोर कमिटी बैठक हुई। बैठक की जानकारी देते हुये क्रान्तिकारी इस्पात मजदूर संघ सम्बद्ध हिन्द मजदूर सभा के महामन्त्री सह-सदस्य एनजेसीएस राजेंद्र सिंह ने कहा कि आज की एनजेसीएस की बैठक मुख्य श्रमायुक्त के निर्देश का पालन करने के लिए महज खानापूर्ति थी।
बैठक में सेल की ओर से सिर्फ अधिशासी निदेशक स्तर के अधिकारी मौजूद थे,जिसपर एनजेसीएस नेताओं ने कडी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि एनजेसीएस की मीटिंग डायरेक्टर स्तर के अधिकारियो के साथ होती है, ना कि अधिशासी निदेशक स्तर के अधिकारियो के साथ। एनजेसीएस नेताओ का गुस्सा और चरम पर रहा जब उपस्थित सेल अधिकारियो ने कहा कि अभी सेल की स्थिति अच्छी नहीं है,मजदूर कार्पोरेट करे।
मीटिंग में शामिल होने से पहले सभी ट्रेड यूनियन अपनी मांगों को पक्का करने के लिए आपस में पहले मिले और चर्चा की। 39 महीनों के बकाया, एक्स्ट्रा इंक्रीमेंट, HRA, 28% पर्क्स और बकाया के बारे में पांच सेंट्रल ट्रेड यूनियन एक ही बात पर सहमत रहीं।
करीब 11 बजे से 04 बजे तक चली मीटिंग में सेल प्रबंधन ने जवाब दिया कि बकाया एरियर देने की स्थिति में नहीं हैं। मंत्रालय का एफोर्डेबिलिटी क्लाज लगा था। 2027 के पे-रिवीजन की तैयारी कीजिए। इस पर चर्चा शुरू कर सकते हैं। यूनियन ने कहा-पहले पुराने समझौते पर बकाया अदा कीजिए पर एनजेसीएस नेताओ ने कहा कि हर बार सिर्फ मजदूर हीं क्यो अपना पेट काटकर कॉपरेट करें।
हम लोगो को कोर कमिटी की यह बैठक बिल्कुल नामंजूर है। आप मिनिट्स तैयार कर मुख्य श्रमायुक्त को भेज दें, आगे जो होगा उस पर मजदूर विचार करेंगें और फुल एनजेसीएस की बैठक में आप मजदूरो की विचार से अवगत होंगें। एक बात तय है एरियर पर किसी प्रकार का टालमटोल अब बर्दाश्त से बाहर है।



















