- तकनीकी बदलावों के अनुरूप श्रमिकों को कौशल उन्नयन का अवसर दिया जाए एवं काम की गारंटी सुनिश्चित हो।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। जमशेदपुर में आयोजित इंडियन नेशनल स्टील, मेटल, मेटल माइंस एंड इंजीनियरिंग एम्प्लाइज फेडरेशन के सम्मेलन में भिलाई इंटक के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सम्मेलन में देशभर से आए प्रतिनिधियों ने भारत में हो रहे औद्योगिकीकरण एवं तकनीकी बदलावों पर विचार-विमर्श किया।
भिलाई इंटक के प्रतिनिधियों ने कहा कि आज कंपनियों में तेजी से बढ़ रहे ठेका प्रथा के कारण श्रमिकों के वेतन, नौकरी की स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। जबकि ठेका श्रमिक नियमित कर्मचारियों की भांति स्थाई प्रकृति के कार्य कर रहे हैं एवं उत्पादन और लाभार्जन में उनका महत्वपूर्ण योगदान है।
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इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाक्टर जी संजीवा रेड्डी, महासचिव संजय सिंह के सामने सम्मेलन में यह मांग उठाई गई कि श्रमिकों को न्यूनतम वेतन के जगह जीने लायक वेतन सुनिश्चित किया जाए।
तकनीकी बदलावों के अनुरूप श्रमिकों को कौशल उन्नयन का अवसर दिया जाए एवं काम की गारंटी सुनिश्चित हो। कंपनियां श्रमिकों को केवल लागत का साधन न समझें, बल्कि उन्हें विश्व स्तरीय प्रतिस्पर्धा में भागीदार बनाएँ।
प्रतिनिधियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि श्रमिकों को उचित प्रशिक्षण और वेतन मिलेगा, तो वे न केवल कंपनियों की उत्पादकता बढ़ाएँगे, बल्कि भारत को वैश्विक औद्योगिक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाने में भी योगदान देंगे।
सम्मेलन में भिलाई इंटक की ओर से स्टील ठेका श्रमिक यूनियन इंटक के अध्यक्ष संजय कुमार साहू, स्टील एंप्लाइज यूनियन इंटक के महासचिव वंश बहादुर सिंह, पीयूषकर, एस रवि, दीनानाथ सिंह, सार्वा, शिव शंकर सिंह, जीआर सुमन शामिल हुए।