Bhilai Steel Plant में 12 घंटे मजदूरी, CPF में धांधली, नहीं दे रहे केंद्रीय वेतन, हो गई बवाल की तैयारी

Workers at Bhilai Steel Plant are Working 12-Hour Shifts Facing CPF Fraud and the Central Pay Scale is Not Applicable
  • बीएसपी के ठेका श्रमिकों को केंद्रीय वेतन लागू नहीं होने पर होगा बड़ा प्रदर्शन।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील ठेका श्रमिक यूनियन इंटक के कार्यकारिणी की बैठक सेक्टर 4 कार्यालय में रखी गई। जिसमें भिलाई इस्पात संयंत्र के श्रमिकों के वेतन एवं सुविधाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा किया गया।

वक्ताओं न कहा-भिलाई इस्पात संयंत्र जो कि केंद्र सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम है और केंद्र सरकार की घोषणा के उपरांत अभी तक भिलाई इस्पात संयंत्र के ठेका श्रमिकों को राज्य निर्धारित केंद्रीय न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है, जिससे श्रमिकों में काफी आक्रोश है और कार्यकारिणी की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अगर अप्रैल के अंत तक भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन भिलाई इस्पात संयंत्र के ठेका श्रमिकों के लिए केंद्रीय न्यूनतम वेतन लागू नहीं करता है तो आने वाले समय में स्टील ठेका श्रमिक यूनियन बड़े आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

ठेका श्रमिकों को मिले लीव कार्ड, ऑनलाइन छुट्टी भरने की सुविधा

भिलाई इस्पात संयंत्र के ठेका श्रमिक उत्पादन एवं लाभार्जन में 80% तक का योगदान दे रहे हैं। लेकिन सुविधा नहीं के बराबर है। बीएसपी द्वारा ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम में भी छुट्टी का ऑप्शन नहीं दिया गया है और ठेका श्रमिकों को लीव कार्ड भी नहीं दिया जाता। जिसके कारण ठेका कंपनियों ठेका श्रमिकों को छुट्टी का वेतन नहीं देते एवं राष्ट्रीय छुट्टी में उन्हें दुगना वेतन भी नहीं दिया जाता है।

20% ठेका श्रमिकों की छंटनी बंद हो

एसपी प्रबंधन द्वारा लगातार होने वाले नए ठेके में 20% ठेका श्रमिकों की संख्या कम की जा रही है जिससे ठेका श्रमिकों को रोजगार का संकट हो रहा है एवं घर परिवार चलाने में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। छटनी से श्रमिकों में भविष्य में रोजगार के डर से उनका मनोबल कम हो रहा है जिसका प्रभाव संयंत्र के कार्य पर पड़ रहा है।

12 घंटे कार्य करने की अनिवार्यता को समाप्त करें

संयंत्र के कई विभागों में ठेका श्रमिकों के ठेका पद्धति में मैन पावर हटाकर केपीआई आधारित ठेका होने से ठेका कंपनियां ठेका श्रमिकों को 12 घंटा सुबह 6:00 बजे से लेकर शाम 6:00 बजे तक कार्य ले रही हैं, जिसका कहीं पर भी रजिस्टर में लिखित नहीं होता और ठेका श्रमिकों को 8 घंटा का ही सेवा दर्ज होता है, जिससे सुरक्षा और ओवर टाइम मिलकर उन्हें वेतन के नाम पर एक दिन का पूर्ण वेतन दिया जा रहा है। सीपीएफ की पूर्ण धांधली हो रही है। कई ठेका कंपनियां ठेका श्रमिकों के पूर्ण सीपीएफ नही दे रहे हैं। बीएसपी प्रबंधन ठेका श्रमिकों के सीपीएफ की पूर्ण जांच करें।

एफएसएनएल कोनोकोई ट्रांसपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड में नहीं मिल रही पूर्ण एडब्ल्यूए की राशि

भिलाई इस्पात संयंत्र के अंतर्गत स्क्रैप का कार्य करने वाली ठेका कंपनी एफएसएनएल कोनोकोई ट्रांसपोर्ट कंपनी में कार्यरत लगभग 500 ठेका श्रमिकों को पूर्ण 3700 एडब्ल्यूए नहीं दिया जा रहा है,जबकि यह ठेका कंपनी बीएसपी के अंतर्गत ठेका कार्य कर रही है। ठेका श्रमिकों के बैठने के लिए भी सही तरीके से रेस्ट रूम नहीं है, जिसकी शिकायत ठेका श्रमिकों ने यूनियन ऑफिस आकर किया।

इसके पहले भी इस विषय पर भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन एवं एफएसएनएल को यूनियन द्वारा पत्र दिया गया था। लेकिन प्रबंधन देने का आश्वासन दिया था। लेकिन अभी तक ठेके श्रमिकों को नया ठेका होने के उपरांत भी पूर्ण रूप से एडब्ल्यूए नहीं दिया जा रहा है, जिससे ठेका श्रमिकों में काफी आक्रोश है, जो किसी भी दिन आंदोलन में परिवर्तित हो सकती है।

इंटक की मीटिंग में ये रहे मौजूद

कार्यकारिणी की बैठक में सीपी वर्मा, दीनानाथ सिंह सार्वा, मनोहर लाल, आर दिनेश, गुरुदेव साहू, जयराम ध्रुव, संतोष ठाकुर, रिखीराम साहू, किशोर कुमार, प्रधान डी शंकर, बलराम वर्मा, के रामू, ओम प्रकाश, संजीव मानिकपुरी, महेंद्र कुमार, दामन लाल, कान्हाराम, कुलेश्वर मनहरण, नरेंद्र कुमार एवं कार्यकारिणी के सदस्य उपस्थित थे।