चेतावनी-मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा तथा जरूरत पड़ी तो “चिमनी का धुआं भी बंद” किया जा सकता है।
जय झारखंड मजदूर समाज ने प्लांट गोलचक्कर पर हल्लाबोल कार्यक्रम आयोजित किया।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। सेल बोकारो स्टील प्लांट में ठेका कर्मियों की प्रस्तावित 40 प्रतिशत छंटनी के विरोध में जय झारखंड मजदूर समाज ने प्लांट गोलचक्कर पर हल्लाबोल कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ठेका मजदूर और विभिन्न विभागों के कर्मचारी शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य सह यूनियन के महामंत्री बीके चौधरी ने कहा कि स्थानीय मूलवासियों और जमीनदाताओं ने अपने खेत-खलिहान इसलिए नहीं दिए थे कि उनके बच्चों को प्लांट में काम से बाहर कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि बोकारो स्टील प्लांट की जमीन स्थानीय लोगों की है और यहां काम कर रहे ठेका मजदूरों को हटाने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बीके चौधरी ने आरोप लगाया कि बोकारो स्टील प्लांट में कार्यरत 90 से 95 प्रतिशत ठेका मजदूर मूलवासी और 1995 खतियानधारी जमीनदाता परिवारों से जुड़े हैं, जो पहले से आर्थिक और मानसिक शोषण झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मजदूरों के वेतन से कथित तौर पर 25 से 30 प्रतिशत तक “मनीकट” लिया जाता है और विरोध करने पर काम से निकालने की परंपरा बना दी गई है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के कारण स्थायी कर्मचारियों की संख्या लगातार घट रही है, ऐसे में ठेका कर्मियों की जरूरत बढ़ी है। इसके बावजूद 40 प्रतिशत छंटनी का आदेश उत्पादन को प्रभावित करेगा। चौधरी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार उत्पादन गिराकर सेल को निजी हाथों में सौंपना चाहती है।
उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा और जय झारखंड मजदूर समाज इस प्रयास को सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने बोकारो स्टील प्लांट को बिरसा मुंडा, सिद्धो-कान्हू और शिबू सोरेन की संघर्ष भूमि बताते हुए कहा कि झारखंड आंदोलन की भावना के खिलाफ किसी भी फैसले का विरोध किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान यूनियन ने 40 प्रतिशत छंटनी आदेश वापस लेने, एसडब्ल्यू परिवारों के लिए मुफ्त इलाज, मनीकट पर रोक, यूएसडब्ल्यू को मोटरसाइकिल गेटपास, उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन, प्रोफिट लिंक रिवार्ड और सभी श्रमिकों को आवास जैसी मांगें उठाईं।
बीके चौधरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा तथा जरूरत पड़ी तो “चिमनी का धुआं भी बंद” किया जा सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संयुक्त महामंत्री एन के सिंह ने की, जबकि संचालन संयुक्त महामंत्री अनिल कुमार ने किया। कार्यक्रम में सीकेएस मुंडा, रोशन कुमार, आई अहमद, बादल कोयरी, आरबी सिंह, रमा रबानी, राजेंद्र प्रसाद, अमोद कुमार, आईडब्ल्यू अंसारी, संतोष कुमार गुप्ता, आरआर सोरेन, आरएस टुड्डू, ओपी चौहान, रामेश्वर माझी, दयाल मांझी समेत बड़ी संख्या में यूनियन पदाधिकारी और मजदूर उपस्थित थे।

