- सोशल मीडिया साइट पर तेजी से वायरल किया जा रहा था कि सरकार ने रिटायरमेंट की उम्र बढ़ा दिया है।
सूचनाजी न्यूज, दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों (Central Govt Employees) की रिटायरमेंट उम्र 60 साल से बढ़ाकर 62 साल करने के दावे की हवा निकल गई है। फर्जी मैसेज तेजी से वायरल करने वालों के मंसूबे को सरकार ने फेल कर दिया है। भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय के PIB Fact Check की टीम ने रिटायरमेंट उम्र बढ़ाए जाने की खबर को फर्जी बताया है।
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल (Steel Authority of India Limited – SAIL), कोल इंडिया (Coal India), आरआइएनएल (RINL), नगरनार स्टील प्लांट (Nagarnar Steel Plant), ओएनजीसी (ONGC), एनएसपीसीएल (NSPCL) आदि कंपनियों के कर्मचारियों में इसको लेकर हलचल थी।
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सोशल मीडिया साइट (Social Media Site) पर तेजी से वायरल किया जा रहा था कि सरकार ने रिटायरमेंट की उम्र बढ़ा दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे खबरों में दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु में 2 साल की वृद्धि करने का निर्णय लिया है।
इसकी पड़ताल करने पर PIB Fact Check टीम ने कहा-यह दावा फर्जी है। भारत सरकार ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है। बिना सत्यता जांचे खबरें साझा न करें।
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आप भी जानिए फर्जी मैसेज में क्या-क्या लिखा था…
Retirement Age Increase 2024 को लेकर दावा किया गया था कि रिटायरमेंट आयु में 2 वर्ष की बढ़ोतरी पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। फर्जी खबर में लिखा था कि भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए केंद्रीय कर्मचारियों के रिटायरमेंट आयु में 2 साल की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से लाखों सरकारी कर्मच फायदा होगा और वे अब 62 साल की उम्र तक नौकरी कर सकेंगे।
यह कदम कर्मचारियों के हित में गया है ताकि वे और अधिक समय तक सेवा दे सकें और अपने अनुभव का लाभ देश को दे सकें।
फर्जी समाचार में ये भी दावा था
इस फैसले से न केवल कर्मचारियों को लाभ होगा, बल्कि सरकार को भी फायदा होगा। अनुभवी कर्मचारियों की सेवाएं लंबे समय तक मिलने से प्रशासन में सुधार होगा और नए कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने का खर्च भी कम होगा। साथ ही पेंशन पर होने वाले खर्च में भी कमी आएगी, क्योंकि कर्मचारी 2 साल बाद पेंशन लेना शुरू करेंगे।
फर्जीवाड़े की हद यह कि 1 अप्रैल 2025 की तारीख तक बताई
फर्जी समाचार को वायरल किया जा रहा था, जिसमें लिखा है कि सरकार लंबे समय से इस प्रस्ताव पर विचार कर रही थी और अब कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई है। यह फैसला 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा। इसका मतलब है कि 1 अप्रैल 2025 के बाद रिटायर होने वाले सभी केंद्रीय कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।
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