Bhilai Steel Plant: रिटेंशन, निजीकरण, न्यूनतम वेतन पर विधायक देवेंद्र संग शहरवासियों का सत्याग्रह, SAIL BSP-मोदी सरकार की नीतियों पर हमला

MLA Devendras Satyagraha on Retention Privatization Minimum Wages
  • सिविक सेंटर में सत्याग्रह का दायरा बढ़ता जा रहा है।
  • महापौर, विधायक, पार्षद संग ट्रेड यूनियन के नेता शामिल।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री और औद्योगिक तीर्थ की नींव रखने वाले पंडित जवाहर लाल नेहरू, बाबा साहब भीम राव अंबेडकर और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को याद करते हुए एक बार फिर से सत्याग्रह शुरू कर दिया गया है।

भिलाई स्टील प्लांट, टाउनशिप, अस्पताल, स्कूल, मैत्रीबाग को बचाने के लिए विधायक देवेंद्र यादव ने सत्याग्रह शुरू किया है। दो दिवसीय उपवास पर वह समर्थकों संग सिविक सेंटर में बैठ गए हैं। भिलाई की पहचान को बचाने की मुहिम को निश्चित रूप से बल मिला है।

अपनी आवाज को बुलंद होता देख भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारी भी सत्याग्रह में शामिल हो गए। खास चीज यह दिखी कि कई लोगों ने कहा-हम लोगों ने इतिहास में पढ़ा है कि सत्याग्रह हुआ था। लेकिन, आज इसके साक्षी बन रहे हैं। पहले गोरों के खिलाफ पूर्व लड़े थे। आज सेल प्रबंधन और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ लड़ रहे हैं। भिलाई की आवाज शहर में गूंजनी शुरू हो गई है। आंदोलन थमने वाला नहीं है।

सेल भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों ने बकाया 39 माह के एरियर, बोनस, आवास, बिजली, अस्पताल, स्कूल, मैत्रीबाग, निजीकरण, घटते मैनपॉवर, छंटनी आदि को लेकर सरकार और सेल की नीतियों पर भड़ास निकाला।

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सेक्टर 9 हॉस्पिटल के निजीकरण की तैयारियों से नाराज कर्मचारी भी जत्था बनाकर पहुंचे और मंच से सेल प्रबंधन और मोदी सरकार को जमकर कोसा। एससी-एसटी पीएसयू फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील कुमार रामटेके ने केंद्र की मोदी सरकार को ललकारा। कहा-भिलाईवासियों अभी नहीं तो कभी नहीं…बचा लो भिलाई को।

सीटू के उपाध्यक्ष डीवीएस रेड्डी ने सेल प्रबंधन की कार्य संस्कृति, सरकार की नीतियों की बखिया उधेड़ा। मंच से कहा-केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से सेल प्रबंधन को बल मिला है। यह आंदोलन किसी एक पार्टी या संस्था का नहीं, बल्कि भिलाईवासियों का है। इसलिए इसके समर्थन में सबको आना चाहिए।

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कांग्रेस के जिला प्रवक्ता जावेद खान ने भी कहा-बहुत छोटी सी बात है, सबका समझ लेना चाहिए। सेल और बीएसपी प्रबंधन केंद्र सरकार के अधीन आती है। सरकार की नीतियों का पालन होता है। इसलिए यह आंदोलन सेल के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ भी है।

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सत्याग्रह में पूर्व विधायक अरुण वोरा, भिलाई के महापौर नीरज पाल, महापौर रिसाली शशि सिन्हा, पूर्व महापौर आरएन वर्मा, सभापति गिरवर बंटी साहू, पूर्व महापौर नीता लोधी, सभापति केशव बंछोर, मुकेश चंद्राकर, धर्मेंद्र यादव, ट्रेड यूनियन से राजेंद्र सिंह परगनिहा, प्रमोद मिश्र, डीवीएस रेड्डी, जेपी त्रिवेदी, टी. जोगा राव, एसपी डे, अजय आर्या, संतोष कुमार, संतोष पुष्टि, श्याम लाल साहू, अमर सिंह,आदि पहुंचे।

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