- भिलाई के माहौल को शांत बनाए रखने की अपील।
- विधायक के समर्थकों ने मंच से कहा-प्रबंधन माहौल को खराब न करे।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के भिलाई स्टील प्लांट के हालात बिगड़ने के कगार पर आ गए हैं। कर्मचारियों, अधिकारियों और शहरवासियों की मांग को लेकर उपवास पर बैठे विधायक देवेंद्र यादव की तबीयत तेजी से बिगड़ रही है। शूगर और बीपी को लेकर अच्छी रिपोर्ट नहीं है। लगातार चक्कर की शिकायत बढ़ती जा रही है। इससे समर्थकों का गुस्सा और बढ़ता जा रहा है।
इधर-किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिए बीएसपी प्रबंधन ने उच्च स्तरीय बैठक की। सीआइएसएफ ने मेन गेट को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। मेन गेट से पहले ही बैरियर पर चेकिंग प्वाइंट बना दिया गया है। भारत-रूस मैत्री चौक पर ही सीआइएसएफ जवानों ने चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। इस्पात भवन और एचआरडी में अब जाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
इधर-सिविक सेंटर में विधायक देवेंद्र यादव का तीसरे दिन भी उपवास जारी है। जिला चिकित्सा विभाग की ओर से मेडिकल की टीम दोपहर 2 बजे विधायक का रूटीन चेकअप करने पहुंची। विधायक देवेंद्र यादव जैसे ही खड़े हुए चक्कर की वजह से वहीं बैठ गए। डाक्टरों की टीम को मंच के फ्रंट पर आना पड़ा।

दूसरी ओर जिला प्रशासन और बीएसपी के अधिकारियों के साथ शाम 4 बजे बैठक होनी है। इस बैठक में तय होगा कि उपवास खत्म किया जाएगा या आगे राजी रहेगा। फिलहाल, विधायक के समर्थकों संग बीएसपी के अधिकारी और कर्मचारी भी आक्रोशित हैं। रिटेंशन स्कीम, सेक्टर 9 हॉस्पिटल, स्कूल, मैत्रीबाग के निजीकरण, न्यूनतम मजदूरी, आवास आदि मुद्दों को लेकर माहौल काफी गर्म है।

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मंच से भिलाई रिसाली नगर निगम के सभापति केशव बंछोर ने कहा-भिलाई टाउनशिप की संस्कृति बहुत ही शांत स्वभाव की है। बीएसपी प्रबंधन अपने फैसलों और तानाशाही आदेश से इस माहौल को खराब करने पर उतारू है।
सभा को संबोधित करते हुए एचएमएस के महासचिव प्रमोद कुमार मिश्र ने केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। कहा-डबल इंजन की सरकार में कर्मचारियों, अधिकारियों और शहरवासियों को प्रताड़ित किया जा रहा है।

इंटक के पूर्व नेता एनएन राव भी पहुंचे। उन्होंने मंच से स्वीकारा कि मैंने विधायक देवेंद्र यादव को वोट नहीं दिया था। भाजपा को वोट दिया था। इस बात को मैंने विधायक को बोल दिया था। बावजूद, वह हम सबके बीच बने रहते हैं। आज भिलाई के लिए वह लड़ रहे हैं। इसलिए मैं अपनी गलती मानते हुए आज यहां आया हूं।











