- एचआर विभाग के कुछ अधिकारी 2014 में हाउस रेंट अलाउंस बंद होने की पूर्व जानकारी मिलते ही रातों-रात टाउनशिप के आवास खाली कर भाग गए थे।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट के फैसलों की अब आलोचना हो रही है। भिलाई टाउनिशप की उजड़ती तस्वीर हैरान कर रही है। डायरेक्टर इंचार्ज चितरंजन महापात्रा की बखिया भी श्रमिक नेता उधेड़ रहे हैं। यहां तब बोला जा रहा है कि डीआइसी से अप्रुवल लेना प्रबंधन को भारी पड़ गया है।
रिटेंशन स्कीम को लेकर जो खेल खेला गया, उससे हालात बहुत खराब होते जा रहे हैं। सेक्टर 10 स्थित एक आवास को एचएमएस के महासचिव प्रमोद कुमार मिश्र ने रिटायरमेंट के बाद खाली कर दिया। इस आवास पर चोरों ने धावा बोलना शुरू कर दिया है। दरवाजा-खिड़की उखाड़नी शुरू कर दी। शाम ढलते ही शराब पीने वाले भी यहां जुटने लगे।
प्रमोद कुमार मिश्र का कहना है कि बीएसपी ने रिटेंशन स्कीम को 17 नवंबर को एक सर्कुलर निकालकर बदल दिया। टाउनशिप के कुछ अधिकारी तथा एचआर विभाग के अधिकारियों ने मिलकर डीआईसी को भ्रमित कर अप्रूवल ले लिया तथा तर्क यह दिया कि कर्मचारीयों को बड़े आवास नहीं मिल रहे हैं, जबकि यथार्थ इसके विपरीत है।
भिलाई इस्पात संयंत्र में कुल कर्मचारीयों की संख्या दस हजार के आसपास है तथा अधिकारियों की संख्या ढाई हजार के आसपास है। पूरे सेल के भिलाई इस्पात संयंत्र में सबसे ज्यादा वरिष्ठ कर्मचारी अधिकारी कार्यरत हैं।
सन 2030 तक लगभग 4000 कर्मचारी सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इसी प्रकार हजार से ज्यादा अधिकारी सेवानिवृत्त हो जाएंगे। जिन कर्मचारियों-अधिकारियों की नौकरी 4 वर्ष तक शेष है। वह इतनी कम अवधि के लिए नए आवास में जाना पसंद नहीं करेंगे। वर्तमान में भिलाई इस्पात संयंत्र के पास 12 हजार से ज्यादा आवास हैं। 3 हजार से ज्यादा कर्मचारी, अधिकारी अपने निजी आवास में निवासरत हैं।
कर्मचारियों को 400 स्क्वायर फीट से कम वाले क्वार्टर को ट्विन एलॉटमेंट नियम के अंतर्गत 2 आवास आवंटित किया गया है।
रिटेंशन के नए नियम बनाने वाले जिन अधिकारियों का हाथ है, वह या तो भिलाई के बारे में जानते नहीं हैं या एचआर विभाग के वे अधिकारी हैं, जो सन 2014 में हाउस रेंट अलाउंस बंद होने की पूर्व जानकारी मिलने पर रातों-रात टाउनशिप के आवास खाली कर भाग गए।
और हाउस रेंट अलाउंस लेकर किराए के आवास में रहने लगे। रिटेंशन का नया नियम इन्हीं की देन है। जिन्हें टाउनशिप से कोई लेना-देना नहीं है।
नई रिटेंशन स्कीम लागू करने का तरीका गलत
महासचिव प्रमोद कुमार मिश्र ने कहा-रिटेंशन स्कीम को अचानक बिना किसी पूर्व सूचना के बदला गया है, जिसमें सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी का ग्रेच्युटी और लीव इंकैशमेंट रोका गया है, जो लगभग 40 लाख के आसपास है। तीन माह बाद 8 रुपए स्क्वायर फीट तथा 6 माह बाद 24 रुपए स्क्वायर फीट किराया लेने का सर्कुलर में उल्लेख किया गया है, जो सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारियों के साथ में अन्याय है।
ग्रेच्युटी रोकने का अधिकार प्रबंधन को नहीं
एचएमएस यूनियन के महासचिव प्रमोद कुमार मिश्र ने कहा कि जिन कर्मचारियों की ग्रेच्युटी रोकी गई है, उनका उपदान भुगतान अधिनियम 1972 के अंतर्गत ग्रेच्युटी तथा ब्याज का प्रकरण नियंत्रक प्राधिकारी के पास दर्ज किया जाएगा।
आवास आवंटन नीति गलत
जिन कर्मचारियों के पास छोटे आवास है उन्हें वर्तमान आवास आवंटन नियम के अतर्गत बड़े आवास लेने की पात्रता ही नहीं है। टाउनशिप के जो आवास खाली हो रहे हैं। वहां चोरों का अड्डा बन रहा है। चोर कार गेट उखाड़ कर ले जा रहे हैं तथा रात में उनके छुपने की जगह बन रही है।
कर्मचारी-अधिकारी तीनों शिफ्ट में नौकरी करते हैं। ऐसी स्थिति में उनका परिवार असुरक्षित है, जो आवास आवंटित हो चुके हैं, उसमें कर्मचारी,अधिकारी शिफ्ट ना होना भी एक प्रमुख कारण है, जिसके लिए प्रबंधन ने कोई उचित निर्णय नहीं लिया है।











