IISCO Steel Plant Burnpur: सालों बाद कब्जेदार का टूटा ताला, बाउंड्री ध्वस्त, अब आइएसपी के कब्जे में भूमि

IISCO Steel Plant Burnpur Encroachers Lock Broken Boundary Demolished Land Now in ISP Possession
  • न्यायालय द्वारा वर्ष 2010 में कंपनी के पक्ष में डिक्री पारित किया था।

सूचनाजी न्यूज, बर्नपुर। सेल इस्को इस्पात संयंत्र के संपदा विभाग द्वारा शनिवार को एक महत्वपूर्ण कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए आसनसोल में मनोज सिनेमा के निकट जीटी रोड स्थित कंपनी की भूमि पर वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जे को हटाकर उसका भौतिक कब्जा पुनः प्राप्त कर लिया गया।

उक्त भूमि, जो गोपालपुर मौजा अंतर्गत आर.एस. प्लॉट संख्या 824, क्षेत्रफल लगभग 0.24 एकड़ में स्थित है, पर लंबे समय से अनधिकृत निर्माण एवं अवैध कब्जा किया गया था। इसके विरुद्ध कंपनी द्वारा वर्ष 2002 में टाइटल सूट संख्या 62/2002 दायर किया गया था।

न्यायालय द्वारा वर्ष 2010 में इस वाद में कंपनी के पक्ष में डिक्री पारित की गई थी। हालांकि उस समय न्यायालय के आदेश के बावजूद भूमि का वास्तविक भौतिक कब्जा प्राप्त नहीं हो सका था। डिक्री के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कंपनी द्वारा वर्ष 2012 में एक्जीक्यूशन केस (निष्पादन वाद) दायर किया गया।

निष्पादन न्यायालय द्वारा आदेश दिया गया कि न्यायालय के अधिकृत प्रतिनिधि की उपस्थिति में पुलिस प्रशासन की सहायता से संबंधित भूमि का कब्जा कंपनी को दिलाया जाए। इस प्रक्रिया के तहत अब तक कुल पाँच बार कब्जा प्राप्त करने के प्रयास किए गए।

इसी क्रम में पाँचवें प्रयास के अंतर्गत 6 फरवरी 2026 को निर्णायक कार्रवाई की गई। न्यायालय द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि एवं पुलिस बल की उपस्थिति में स्थल पर लगे ताले को तोड़ा गया, अवैध रूप से निर्मित बाउंड्री संरचना को ध्वस्त किया गया तथा भूमि का भौतिक कब्जा विधिवत रूप से सेल–इस्को इस्पात संयंत्र द्वारा प्राप्त कर लिया गया।

कंपनी के स्वामित्व को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने एवं भविष्य में किसी भी प्रकार के अनधिकृत कब्जे को रोकने हेतु संबंधित स्थल पर कंपनी का संपत्ति सूचना बोर्ड भी स्थापित कर दिया गया है।

यह कार्रवाई सेल इस्को इस्पात संयंत्र प्रबंधन की अपनी परिसंपत्तियों की सुरक्षा, कानूनी अधिकारों की रक्षा तथा अनुशासनात्मक भूमि प्रबंधन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि कंपनी की भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे या अतिक्रमण के विरुद्ध भविष्य में भी कड़ी और नियमानुसार कार्रवाई की जाती रहेगी।