- एक महाप्रबंधक कह रहे थे कि 12 फरवरी को यदि ड्यूटी नहीं आओगे तो तीन दिन का वेतन काट लिया जाएगा।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। 12 फरवरी को लेकर रिजल्ट चाहे जो भी हो, लेकिन आंदोलन जारी रखने का दम यूनियन नेताओं ने भरा है। भिलाई स्टील प्लांट की ट्रेड यूनियनों ने स्पष्ट रूप से बोल दिया है कि, वापस होते तक श्रम कोड के खिलाफ जारी रहेगा संघर्ष।
यूनियन नेताओं ने कहा-केंद्र सरकार द्वारा मालिकों के पक्ष में श्रम कानून को बनाने के लिए आजादी के पहले से लड़कर हासिल किए गए 29 श्रम कानून को खत्म कर चार लेबर कोड बना कर अधिसूचित करने एवं उसके रूल्स को जारी करने के साथ-साथ एक अप्रैल से देश की जनता पर लागू करने का ऐलान किया गया है।
इसके खिलाफ देश के 10 बड़े राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन एवं फेडरेशन सहित सैकड़ो किसान संगठनों ने 12 फरवरी को एकदिवसीय हड़ताल का आह्वान किया था, जिसके तहत भिलाई में भी हड़ताल का प्रचार कर हर कर्मियों तक के हड़ताल के मुद्दों को पहुंचाया। हड़ताल में शामिल होने की अपील की। बावजूद इसके भिलाई में ट्रेड यूनियन के सक्रिय कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने ही इस हड़ताल में भागीदारी की।
संयुक्त ट्रेड यूनियन के नेताओं ने कहा कि यूनियन ने भिलाई के मजदूरों के बीच हड़ताल के मुद्दों को पहुंचाने में कामयाब रहा है। लोग हड़ताल के मुद्दों एवं मांगों को अच्छी तरह से समझ रहे हैं एवं हड़ताल का समर्थन भी कर रहे हैं।
किंतु हड़ताल में भागीदारी करने के लिए मन नहीं बना पाए हैं किंतु ट्रेड यूनियन सभी कार्मिक साथियों को यह संदेश दिया कि इस बार कर्मी भले ही हड़ताल में भागीदारी नहीं कर रहे हैं। किंतु जैसी ही लेबर कोड लागू हो जाएंगे उसके बाद जो स्थिति निर्मित होगी उसके लिए तो लड़ने के लिए मैदान में उतरना ही पड़ेगा।
विधायक देवेंद्र यादव, कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने किया समर्थन
भिलाई नगर के विधायक देवेंद्र यादव हड़तालियों के बीच पहुंचकर हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार देश के ट्रेड यूनियनों से चर्चा किए बिना अपने मर्जी से जिन श्रम कानून में बदलाव किया है, उसके खिलाफ भिलाई सहित पूरे देश में आंदोलन जारी है।
इस आंदोलन का हम समर्थन करते हैं। आगे इन श्रम कानून के खिलाफ जो भी संघर्ष होगा, उनके साथ हम कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे। दुर्ग ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने संयुक्त ट्रेड यूनियन के द्वारा किए जा रहे हड़ताल का समर्थन किया।
दिनभर इक्विपमेंट चौक में रहे संयुक्त यूनियन के नेता-कार्यकर्ता
संयुक्त यूनियन के नेता सुबह 5:30 बजे से इक्विपमेंट चौक में एकत्रित होना शुरू हुए। 6:00 बजे इस चौक से संयंत्र की तरफ जाने वाले मार्गों को जाम भी कर दिए। उसके पश्चात दिनभर संयुक्त यूनियन के नेता चौक पर बैठे रहे एवं ड्यूटी टाइम में हड़ताल को सफल बनाने की अपील करते हुए नारेबाजी करते रहे।
प्रबंधन धमकता रहा कर्मियों को
संयुक्त यूनियन ने कहा कि अलग-अलग विभागों के मुख्य महाप्रबंधक अथवा महाप्रबंधक प्रभारी स्तर के अधिकारी सीधे कर्मियों से बातचीत कर रहे थे और हड़ताल में शामिल न होने की अपील करने के साथ-साथ सीधे तौर पर धमकी भरे लहजे में कह रहे थे कि जो हड़ताल में शामिल होगा और प्लांट नहीं आएगा उसका वेतन काटने के साथ-साथ एनुअल बोनस भी काटा जाएगा। और पुराने मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई भी किया जाएगा।
तीन दिन का वेतन काटने तक की दी गई धमकी
संयंत्र के एक सक्रिय कर्मी ने बताया कि एक महाप्रबंधक कह रहे थे कि 12 फरवरी को यदि ड्यूटी नहीं आओगे तो तीन दिन का वेतन काट लिया जाएगा। जब उस कर्मी ने पलट कर पूछा कि जो 12 फरवरी को ड्यूटी आएगा क्या उसको तीन दिन का अतिरिक्त वेतन दिया जाएगा, तो इतना सुनकर उक्त महाप्रबंधक बगले झांकने लगे।











