- पेंशन के उद्देश्य से लंबे विचार विमर्श के बाद 1989 से इस संदर्भ में काम शुरू हुआ तथा SESBF ट्रस्ट 15 सितंबर 1994 को ट्रस्ट डीड के माध्यम से गठित किया गया।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के अधिकारियों और कर्मचारियों की जमा पूंजी एसईएसबीएफ से एनपीएस में ट्रांसफर करने की मंजूरी पर बवाल मचा हुआ है। ट्रेड यूनियनें इसके खिलाफ हैं। जबकि सेफी और बीएसपी ओए पक्ष में है।
सीटू भिलाई के महासचिव टी. जोगा राव का कहना है कि सेल के कामगारों को सेवानिवृत्ति के बाद केवल सीपीएफ ग्रेच्युटी मिलता था। पेंशन का कोई भी प्रावधान नहीं था। पेंशन के उद्देश्य से लंबे विचार विमर्श के बाद 1989 से इस संदर्भ में काम शुरू हुआ तथा SESBF ट्रस्ट 15 सितंबर 1994 को SAIL के कर्मचारियों के हितार्थ कंपनी तथा केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, SEFI तथा सभी इकाइयों के मान्यता प्राप्त ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों द्वारा विधिवत नामित न्यासियों के बीच संपादित ट्रस्ट डीड के माध्यम से गठित किया गया।
यह कोष मुख्य रूप से सदस्यों के मासिक वेतन से 2% अंशदान द्वारा तथा कुछ अवसरों पर कंपनी द्वारा PLBS के नाम पर योगदान से बनाया गया था। उक्त कोष का संचालन ट्रस्ट डीड एवं विधिवत निर्मित और लागू ट्रस्ट नियमों के प्रावधानों के अनुसार न्यासी मंडल द्वारा किया जाता रहा है।
ट्रस्ट को समाप्त करने पर करनी होगी निम्न करवाई
सीटू के सहायक महासचिव जगन्नाथ प्रसाद त्रिवेदी ने कहा-SESBF के न्यासियों की 86 वीं बैठक की प्रकाशित कार्यवाही में बहुमत से ट्रस्ट को समाप्त करने तथा लगभग 2400 करोड़ रुपये के संचित कोष एवं चल-अचल संपत्तियों को NPS में हस्तांतरित करने का निर्णय किया गया है, जो ट्रस्ट के मूल उद्देश्य के विपरीत एवं अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
ट्रस्ट के नियमावली में यह भी दर्ज है कि”ट्रस्ट की समाप्ति पर न्यासियों द्वारा धारित संपत्तियों को प्रत्येक सदस्य के योगदान एवं उस पर अर्जित ब्याज के अनुसार व्यक्तिगत सदस्यों को हस्तांतरित किया जाएगा। अन्य सभी धनराशि एवं निवेशों को न्यासियों द्वारा साकार कर अथवा अन्य प्रकार से निधि के लाभार्थियों के हित में उपयोग किया जाएगा।”
कर्मियों के पैसे को लगातार बाजार के हवाले कर रही है केंद्र सरकार
सीटू नेता डीवीएस रेड्डी ने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार लगातार कर्मियों के पैसे को बाजार के हवाले कर रही है। इसने सबसे पहले सीपीएफ के पैसे में से 5% से 15% तक मार्केट में डालने का निर्णय लेकर सभी एक्ज़म्प्टेड ट्रस्ट पर थोप दिया, उसके बाद सेल के कामगारों के लिए बना पेंशन ट्रस्ट को समाप्त करवा कर कर्मचारियों के 6% एवं अधिकारियों के 9% से जमा हो रहे फंड को एनपीएस में डलवा दिया। अब SESBF के पैसे को भी एनपीएस में डालने का निर्णय लिया गया है।






















