बोकारो स्टील प्लांट ने महिलाओं के लिए किया बड़ा समझौता, 5 हजार से ज्यादा होगी आय

MoA between Bokaro Steel Plant and Samarpan-SWASD
  • जॉब ऑर्डर और बाजार से जुड़ाव (मार्केट लिंकेज) के माध्यम से सहायता प्रदान की जाएगी।

सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) के निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) विभाग ने महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ‘समर्पण वेलफेयर एसोसिएशन सोशल डेवलपमेंट’ (समर्पण-एसडब्ल्यूएएसडी) तथा तकनीकी साझेदार ‘ऊषा इंटरनेशनल लिमिटेड’ के सहयोग से महिला सशक्तिकरण एवं आजीविका विकास पहल का शुभारंभ किया है।

इस परियोजना के लिए बीएसएल और समर्पण-एसडब्ल्यूएएसडी के बीच आज 10 मार्च को सेक्टर-2 स्थित हस्तशिल्प प्रशिक्षण केंद्र में एक समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि निदेशक प्रभारी (बीएसएल) प्रिय रंजन, अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन) राजश्री बनर्जी, कार्यकारी अधिशासी निदेशक (वित्त एवं लेखा) एस. के. भारद्वाज, कार्यकारी अधिशासी निदेशक (संकार्य) धनंजय कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट्स) अनिमा कुशवाहा, महाप्रबंधक (सीएसआर) पीपी चक्रवर्ती, ऊषा इंटरनेशनल लिमिटेड के क्षेत्रीय प्रबंधक सैकत कुमार, समर्पण के सचिव राजेश कुमार सहित सीएसआर टीम एवं संयंत्र के अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य बोकारो इस्पात संयंत्र के परिधीय गांवों की वंचित महिलाओं को सिलाई एवं कढ़ाई में कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। यह परियोजना एक वर्ष की अवधि के लिए संचालित की जाएगी. कार्यक्रम के तहत परिधीय गांवों की 50 महिलाओं की पहचान की जाएगी, जिनमें से 25 महिलाओं को ऊषा इंटरनेशनल के विशेषज्ञों द्वारा 25 दिवसीय गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इस परियोजना के अंतर्गत एक ‘प्रशिक्षण-सह-उत्पादन केंद्र’ (टीसीपीसी) भी स्थापित किया जाएगा, जहाँ प्रशिक्षित महिलाएं अपनी उत्पादन गतिविधियों को जारी रख सकेंगी। पहल में सिलाई मशीनें, प्रशिक्षण सामग्री और तकनीकी सहायता का प्रावधान शामिल है।

प्रशिक्षण के उपरान्त लाभार्थियों की निरंतर आय सुनिश्चित करने के लिए जॉब ऑर्डर और बाजार से जुड़ाव (मार्केट लिंकेज) के माध्यम से सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना से प्रत्येक प्रशिक्षित महिला की न्यूनतम मासिक आय 5,000 रुपये होने की संभावना है, जो भविष्य में बाजार विस्तार के साथ बढ़ेगी।

साझेदारी के ढांचे के तहत, बीएसएल वित्तीय सहायता और बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा, जबकि समर्पण संस्था कार्यक्रम के कार्यान्वयन और केंद्र के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेगी। ऊषा इंटरनेशनल तकनीकी ज्ञान और प्रमाणन प्रदान करेगी। यह पहल न केवल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी बल्कि उनमें उद्यमशीलता के गुणों का भी विकास करेगी।

यह पहल बोकारो इस्पात संयंत्र की अपने परिधीय क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास और महिला सशक्तिकरण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर बीएसएल न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ कर रहा है, बल्कि निगमित सामाजिक दायित्व (CSR) के माध्यम से एक समृद्ध और समावेशी समाज के निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।