भिलाई स्टील प्लांट: हादसे के बाद जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं सभी…?

Bhilai Steel PlantAfter the Accident Everyone Shrugs off Responsibility
  • 23 मार्च की शाम खुर्सीपार गेट से रेल मिल के शिपिंग एरिया में रेल लोड करने आ रहे ट्रेलर की चपेट में आने से मजदूर की मौत हुई है।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट में होने वाले हादसों के बाद जिम्मेदारी से किस तरह से पल्ला झाड़ा जाता है। इसके कई उदाहरण सामने आते जा रहे हैं। 23 मार्च को शाम करीब 7:30 बजे खुर्सीपार गेट से रेल मिल के शिपिंग एरिया में रेल लोड करने आ रहे ट्रेलर की चपेट में आने से संयंत्र के एक ठेका श्रमिक की मृत्यु हो गई।

इसके बाद 24 मार्च को आनन-फानन में संयंत्र के अधिकारियों द्वारा जांच (इंक्वायरी) की गई। मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाकर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं। अलग-अलग लोगों ने अलग-अलग तरीके से घटना का विश्लेषण किया, कुछ ने इसका श्रेय लिया और मामला यहीं खत्म मान लिया, लेकिन इसके बाद भी कई महत्वपूर्ण पहलू अब तक अधूरे हैं।

दुर्घटनाग्रस्त साइकिल हटाने तक की फुर्सत नहीं

‘सूचनाजी.कॉम’ ने 25 मार्च की शाम करीब 6 बजे दुर्घटना स्थल का जायजा लिया। वहां यह पाया गया कि मृत कर्मी की दुर्घटनाग्रस्त साइकिल और उसके द्वारा भोजन के लिए ले जाया जा रहा डब्बा अब तक मौके से नहीं हटाया गया है।

प्रबंधन का कहना है कि यह मामला पुलिस जांच से जुड़ा है, इसलिए जांच पूरी होने के बाद ही सामान हटाया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस द्वारा अब तक मौके का निरीक्षण भी नहीं किया गया है, या यदि किया गया है तो साइकिल हटाने की जिम्मेदारी तय नहीं हो पाई है। यही कारण है कि साइकिल और अन्य सामान अभी भी वहीं पड़े हुए हैं।

मौके पर अब भी पड़ा है खाने का डब्बा और मच्छर अगरबत्ती

दुर्घटना स्थल की स्थिति यह स्पष्ट करती है कि मृत ठेका कर्मी रात का भोजन करने के लिए डब्बा साथ लेकर जा रहा था। साथ ही, मच्छरों से बचाव के लिए लाई गई मच्छर अगरबत्ती भी साइकिल के पास ही पड़ी हुई है।

अब उस रास्ते से अन्य वाहनों और कर्मियों का आना-जाना शुरू हो चुका है। वहां से गुजरने वाले कर्मचारी साइकिल, खाना का डब्बा और मच्छर अगरबत्ती को देखते हैं और मन ही मन घटना को याद करते हुए आगे बढ़ जाते हैं।