वर्ष 2026 के दौरान 23.25 लाख मीट्रिक टन का अपना सर्वोच्च वार्षिक उत्पादन तथा 24.55 लाख मीट्रिक टन की बिक्री दर्ज की।
- अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अमिताभ मुखर्जी ने कहा-“वित्त वर्ष 26 एनएमडीसी स्टील की यात्रा में एक ऐतिहासिक वर्ष है।
सूचनाजी न्यूज, जगदलपुर। भारत के सबसे युवा एकीकृत इस्पात उत्पादकों में से एक, एनएमडीसी नगरनार स्टील लिमिटेड (एनएसएल) ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा कर दी। एनएमडीसी स्टील लिमिटेड (एनएसएल) ने वित्त वर्ष 26 में एक ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए लाभ हासिल की तथा वर्ष के दौरान अब तक का सर्वश्रेष्ठ उत्पादन एवं बिक्री दर्ज की, इसके साथ ही वित्त वर्ष, 26 की चौथी तिमाही में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ तिमाही प्रदर्शन भी दर्ज किया।
एनएमडीसी स्टील ने वित्त वर्ष 2026 के दौरान 23.25 लाख मीट्रिक टन का अपना सर्वोच्च वार्षिक उत्पादन तथा 24.55 लाख मीट्रिक टन की बिक्री दर्ज की, जो पिछले वर्ष की तुलना में क्रमशः 62% और 74% की वृद्धि दर्शाती है। यह मजबूत प्रचालन प्रदर्शन क्षमता उपयोग में सुधार, बढ़ी हुई दक्षता तथा प्रमुख क्षेत्रों में एनएसएल के उत्पादों की बढ़ती बाजार की मांग को दर्शाता है।
एनएसएल ने प्रचालन प्रारंभ होने के मात्र दो वर्षों के भीतर ही अपनी निर्धारित (रेटेड) उत्पादन क्षमता का 80% हासिल कर लिया, जो नगरनार स्टील प्लांट के प्रचालन दक्षता में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह उपलब्धि एनएसएल को वैश्विक इस्पात उद्योग में किसी ग्रीनफील्ड एकीकृत इस्पात परियोजना के लिए सबसे तेज गति से क्षमता विस्तार करने वाली कंपनियों में शामिल करती है।
एनएसएल ने वित्त वर्ष26 की चौथी तिमाही के दौरान भी अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ तिमाही प्रदर्शन किया, जिसमें उत्पादन पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 45% बढ़कर 6.42 लाख मीट्रिक टन तथा बिक्री 40% बढ़कर 7.03 लाख मीट्रिक टन हो गई, जो कंपनी की बढ़ती प्रचालन शक्ति और बाजार में मजबूत स्थिति को रेखांकित करती है।
इन प्रचालन लाभों के परिणामस्वरूप कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा, जिससे टर्नओवर वर्ष-दर-वर्ष 60% बढ़कर 13,641 करोड़ रुपये हो गया। यह मजबूत विकास बेहतर क्षमता उपयोग, मजबूत बाजार पहुंच तथा प्रमुख क्षेत्रों में एनएसएल के उच्च गुणवत्ता वाले इस्पात उत्पादों की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वित्त वर्ष 26 ने एनएसएल की लाभ में पूर्ण बदलाव व टर्नअराउंड को चिह्नित किया । पिछले वर्ष के 2,373 करोड़ रुपये के हानि के मुकाबले वित्त वर्ष 26 में कर पश्चात लाभ (पीएटी) 58.72 करोड़ रुपये रहा। इस बदलाव की मजबूती को दर्शाते हुए, वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही के कर पश्चात लाभ (पीएटी) पिछले वर्ष की इसी तिमाही के 473 करोड़ रुपये के हानि के मुकाबले लाभ रू 391 करोड़ रुपये हो गया।
एनएमडीसी स्टील ने प्रचालन प्रदर्शन में विशिष्ट सुधार के साथ-साथ अब तक का सर्वश्रेष्ठ तिमाही उत्पादन और बिक्री दर्ज करते हुए वित्त वर्ष 26 का समापन एक मजबूत रिकार्ड पर किया। वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही के लिए टर्नओवर वर्ष-दर-वर्ष 37% बढ़कर 3,879 करोड़ रुपये हो गया, जबकि ईबीआईटीडीए पिछले वर्ष की इसी तिमाही के 271.51 करोड़ रुपये के नकारात्मक ईबीआईटीडीए के मुकाबले 832.09 करोड़ रुपये रहा।
परिणामों पर विचार व्यक्त करते हुए, एनएमडीसी स्टील लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अमिताभ मुखर्जी ने कहा: “वित्त वर्ष 26 एनएमडीसी स्टील की यात्रा में एक ऐतिहासिक वर्ष है। प्रचालन के दो वर्षों के भीतर लाभ हासिल करना, हमारा अब तक का सर्वोच्च उत्पादन और बिक्री दर्ज करना तथा लगभग 80% क्षमता उपयोग तक पहुँचना, नगरनार स्टील प्लांट के सफल दृढसंकल्प को दर्शाता है।
जिस प्रकार से हम दक्षताओं में सुधार करना, अपने उत्पाद पोर्टफोलियो का विस्तार करना और अपनी बाजार उपस्थिति को मजबूत करना जारी है, उसी प्रकार से हम एनएमडीसी स्टील प्लांट की पूर्ण क्षमता उपयोग की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं, इसके साथ ही ऐसे उच्च गुणवत्ता वाले इस्पात उत्पादों की आपूर्ति कर रहे हैं जो भारत के इंफ्रास्ट्रकचर तथा औद्योगिक विकास में योगदान देते हैं।”
वित्त वर्ष 26 की उपलब्धियां एनएसएल की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हैं। प्रचालन मजबूत होने, लाभ हासिल करने तथा बाजार में पहुंच का निरंतर विस्तार होने के साथ, एनएमडीसी स्टील आने वाले वर्षों में इस गति को आगे बढ़ाने और अपने स्टेकहोल्डर्स के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजन हेतु पूरी तरह तैयार व प्रतिबद्ध है।

