प्रधानमंत्री से 3 हजार करोड़ की लोहा चोरी की शिकायत का आरोपी घूम रहा विदेश में, भिलाई स्टील प्लांट में चोरी का मामला।
- तत्कालीन सीआइएसएफ के डीआइजी उत्तम कुमार सरकार का एक्शन चर्चा में था।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट में चोरी की वारदात कोई नई बात नहीं है। कभी लोहा तो कभी कॉपर प्लांट से पार हो जाता है। 3 हजार करोड़ के लोहा चोरी का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिकायत की गई है। जिस व्यक्ति पर आरोप लगाया गया है, वह विदेश में मौज काट रहा। वहीं, बीएसपी प्रबंधन की ओर से इस विषय पर अब तक कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। शिकायतकर्ता की आरोपों में कितना दम है, इस पर कुछ भी प्रबंधन नहीं बोल रहा है।
वहीं, कॉपर चोरों का गिरोह अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। इसी तरह भिलाई के एक गोदाम में पुलिस ने छापेमारी करके स्क्रैप को बरामद किया और 4 लोगों को अरेस्ट किया है। मौजूदा समय में चोरी की वारदात को लेकर चल रही हलचल ने साल 2019 की घटना को ताज़ा कर दिया है। सीआइएसएफ के 5 जवानों की मिलीभगत से टीपीएल से करीब 67 लाख रुपए का कॉपर पार हो गया था।
तत्कालीन सीआइएसएफ के डीआइजी उत्तम कुमार सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी जवानों को अरेस्ट कराया। भट्ठी थाने की पुलिस को बुलाकर हैंडओवर किया था। डीआईजी ने साफ संदेश दिया था कि सीआइएसएफ जवानों की संलिप्ता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि सीआइएसएफ जवानों को कोर्ट से राहत मिल चुकी है। लेकिन, आज तक किसी ने ड्यूटी ज्वाइन नहीं किया है। शुरुआती जांच में दोषी पाए गए थे। जेल भी गए थे। कुछ माह जेल में काटे थे।
इस खबर को सबसे पहले सूचनाजी.कॉम के संस्थापक अज़मत अली ने ही उजागर किया था। उस समय एक प्रिंट मीडिया में समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद सीआइएसएफ से लेकर बीएसपी तक हड़कंप मच गया था। टीपीएल के गेट पर ही कॉपर का बंडल रखा था। महज चंद कदमों की दूरी पर सीआइएसएफ जवानों की ड्यूटी थी। बावजूद, माल पार हो गया था।
ता दें कि एचईसी कंपनी ने 16 कॉपर केबल के बंडल खरीद कर प्लांट के बाहर टीपीएल यार्ड में रखवाए थे। इनमें से जुलाई 2019 में बीएसपी ने 6 बंडल मंगवा लिए। बचे 10 बंडल यार्ड में ही रखवा दिए गए थे। 28 दिसंबर 2019 को जांच के दौरान बंडल कम मिले। इसके बाद चोरी शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के बाद जांच में पता चला कि जहां बंडल रखा था, उसी से सटा सीआईएसएफ का पोस्ट है। इसके बाद वहां तैनात जवानों से भी पूछताछ की गई और मामले में खुलासा हो सका।

