- पावर एंड ब्लोइंग स्टेशन-2 के एसटीजी 4 टर्बाइन में भीषण आग लगी। घटना से टर्बाइन हॉल में धुआं भरा। कर्मचारियों की मुश्किल से जान बची।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के भिलाई स्टील प्लांट पीबीएस 2 हादसे ने सबको झकझोर दिया है। मौत को मात देकर 10 कर्मचारी बाहर आए हैं। आग की लपटों के बीच किसी तरह जान बचाने के लिए खिड़की को पार किया। छज्जे पर लटके थे। किसी तरह पानी, ड्रेनेज की पाइल और केबल के सहारे नीचे उतर सके।
महारत्न कंपनी के प्लांट में फायर ब्रिगेड के रहते हुए कर्मचारियों को खिड़की से कूदकर किसी तरह जान बचाने पड़ी। दमकल विभाग की सुस्ती पर सवाल उठा दिए गए हैं। लोगों की जान बचाने के लिए जिस तरह की सक्रियता दिखानी चाहिए थी, वह दिखी नहीं।
भिलाई इस्पात संयंत्र के पावर एंड ब्लोइंग स्टेशन-2 के एसटीजी 4 टर्बाइन में बुधवार सुबह 10 बजे भीषण आग लगी। आग लगने की घटना से टर्बाइन हॉल में धुआं फैल गया। बीएसपी की पूर्व मान्यता प्राप्त यूनियन इंटक के नेताओं ने सवाल उठाते हुए कहा-फायर ब्रिगेड ने त्वरित एक्शन और रेस्क्यू में बहुत ढिलाई दिखाई है।
दमकल विभाग एक्टिव रहता तो आग में फंसे कर्मचारियों को फायर ब्रिगेड के कर्मी रेस्क्यू करके बाहर निकाल लेते। लेकिन, चीख-पुकार और खिड़की से बाहर लटके कर्मियों के वीडियो ने सबकुछ उजागर कर दिया है। कूद कर लोगों को जान बचानी पड़ी। यही वजह है पैर फ्रैक्चर हो गया। गनीमत था कि किसी की जान नहीं गई। अन्यथा फायर ब्रिगेड के अपराध को कभी माफ नहीं किया जा सकता था।
बीएसपी के पास इतना संसाधन होने के भी देरी क्यों? 10 बजे आग लगी थी। एक गाड़ी ही आग को बुझाने में लगी थी। काफी देर के बाद आधा दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंची। इंटक नेताओं ने कहा-महासचिव संजय साहू के सामने लगभग 20-25 मिनट तक एक ही दमकल की गाड़ी थी।
इधर-बीएसपी प्रबंधन का कहना है कि घटना की सूचना मिलते ही संयंत्र की अग्निशमन सेवा तत्काल सक्रिय हुई। बीएसपी अग्निशमन दल ने मौके पर पहुंचकर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए आग पर पूर्णतः काबू पा लिया। आग को लगभग 11:10 बजे तक पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया।
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घटना के समय मुख्य स्विचगियर कक्ष एवं कंट्रोल रूम में उपस्थित कर्मचारी एवं श्रमिकों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, बाहर निकलते समय अफरा-तफरी के दौरान एक संविदा कर्मचारी के पैर में फ्रैक्चर हो गया।
इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। एहतियात के तौर पर दो नियमित कर्मचारियों एवं पांच संविदा श्रमिकों को सेक्टर-9 मुख्य अस्पताल भेजा गया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया तथा आवश्यक चिकित्सा जारी है। स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है तथा घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।













