वेदांता पॉवर प्लांट हादसे में 12 की मौत, 80% तक झुलसे मजदूर, PM मोदी-CM साय ने की ये घोषणा, कमिश्नर बिलासपुर करेंगे जांच

12 Dead in Vedanta Power Plant Accident Workers Suffered Burns PM Modi and CM Sai Announce Compensation Bilaspur Commissioner to Investigate
  • केंद्र सरकार मृतकों के परिवार को 2 लाख, घायलों को 50,000 और मुख्यमंत्री साय परिजन को 5-5 लाख, घायलों को 50-50 हजार देंगे।

सूचनाजी न्यूज, छत्तीसगढ़। वेदांता पॉवर प्लांट हादसे ने देशभर में हड़कंप मचा दिया है। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुई दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 12 तक पहुंच चुकी है। करीब 35 से 40 मजदूर जख्मी हैं। हादसे को लेकर दो तरह की बातें सामने आ रही हैं। कोई बोल रहा ब्लायलर फटा तो कोई बता रहा स्टीम पाइप फटने से हादसा हुआ है। मौके पर ही 4 मजदूरों की मौत हो गई थी। 8 मजदूरों की मौत रायगढ़ हॉस्पिटल में हुई है। 18 को रायगढ़ और 6 को बिलासपुर रेफर किया गया है। घायलों में 80 प्रतिशत से ज्यादा तक जले हैं। घायलों के बेहतर इलाज के लिए कई अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है।

इंटक के राष्ट्रीय महासचिव संजय सिंह ने सूचनाजी.कॉम से बातचीत में कहा कि स्टीम पाइप फटने की बात सामने आ रही है। 1000 तापमान में स्टीम पाइप फटी है। इसकी चपेट में आने से मजदूरों की मौत हुई और कई घायल हुए हैं।

  • पीएम मोदी ने एक्स पर ये लिखा

इधर-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के सक्ती ज़िले में विद्युत संयंत्र में दुखद दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने अनुग्रह राशि की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के सक्ती ज़िले में विद्युत संयंत्र में दुखद दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने उन लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की जिन्होंने इस दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खो दिया है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। नरेन्द्र मोदी ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के निकट परिजन को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने ‘X’ (ट्विटर) पर पोस्ट किया:“छत्तीसगढ़ के सक्ती ज़िले में विद्युत संयंत्र में दुर्घटना दुखद है। मैं उन लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। ईश्वर करे कि घायल जल्द से जल्द स्वस्थ हों। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। पीएमएनआरएफ से प्रत्येक मृतक के निकट परिजन को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।

  • सीएम साय ने कहा-पीड़ित परिवारों की मदद करेगी सरकार

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सक्ती हादसे में मृतकों के परिजन को 5- 5 लाख और घायलों को 50- 50 हजार रुपए सहायता राशि की घोषणा की। कमिश्नर बिलासपुर को जांच के दिए आदेश।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। उन्होंने मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है। साथ ही, हादसे में घायल हुए श्रमिकों को 50- 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि उन्हें तत्काल राहत और संबल मिल सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों के समुचित एवं निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने घटना की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर बिलासपुर को जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हादसे के लिए जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरे मामले पर सतत निगरानी बनाए हुए है और राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

  • प्रशासन की मुस्तैदी से राहत-बचाव तेज, हालात नियंत्रण में

सक्ति जिले के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए बॉयलर हादसे के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित और समन्वित कार्रवाई करते हुए राहत-बचाव कार्य प्रभावी ढंग से शुरू कर दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना में कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल कुमार ठाकुर मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की कमान संभाली। प्रशासन ने एम्बुलेंस, चिकित्सा दल और आवश्यक संसाधनों को तत्काल सक्रिय कर घायलों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया।

कलेक्टर ने घटना की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।